आसनसोल.
आसनसोल साउथ विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल वर्ष 2021 में विधायक बनते ही उनके आर्थिक नुकसान का दौर शुरू हो गया. वर्ष 2015-16 से वर्ष 2019-20 के बीच पांच सालों में श्रीमती पाल ने 81.49 लाख रुपये आय किया था. विधायक बनने के बाद वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 तक, इन पांच सालों में उन्होंने सिर्फ 18.65 लाख रुपये ही कमाए. विधायक बनने के पहले पांच वर्षों के दौरान उनकी सालाना औसत आय 16.29 लाख रुपये थी, विधायक बनने के बाद पांच वर्षों में यह घटकर 3.73 लाख रुपये सालाना पर आ गयी. वर्ष 2021 में दायर हलफनामे में श्रीमती पाल ने चल संपत्ति 1,10,89,231 रुपये, अचल संपत्ति 1,28,75,026 रुपये और कर्ज 1,19,71,270 रुपये बताया था. वर्ष 2026 में दाखिल हलफनामे में चल संपत्ति 2,56,91,303 रुपये (यह बढ़ोतरी उनके पास मौजूद 830 ग्राम सोने की जेवरात की कीमटन में वृद्धि के कारण हुई है), अचल संपत्ति 1,28,75,026 रुपये और कर्ज 1,20,11,270 रुपये दर्शाया है. वर्ष 2021 में उन्होंने अपने पति पार्थ पाल के आय का ब्यौरा दिया था. वर्ष 2015-16 से वर्ष 2019-20 के अवधि में श्री पाल की कुल आय 5,27,53,000 रुपये थी. इसबार के हलफनामे में श्रीमती पाल ने अपने पति का आय को कोई ब्यौरा नहीं बताया है.विधायक बनने के बाद अग्निमित्रा के खिलाफ 18 आपराधिक मामले हुए दर्ज
वर्ष 2021 के हलफनामे में अग्निमित्रा पाल ने उनके खिलाफ तालतला थाना और तमलुक थाना में दर्ज एक-एक मामले का जिक्र किया था. वर्ष 2026 में दायर हलफनामे में उन्होंने उक्त दो मामलों के अलावा वर्ष 2026 में आसनसोल साउथ थाना में एक, वर्ष 2024 में केशियारी, खड़गपुर लोकल, खड़गपुर टाउन, एगरा, कोतवाली और साउथ पोर्ट थाना में एक-एक मामला, वर्ष 2023 में रानीगंज और विष्णुपुर थाना में एक-एक मामला, वर्ष 2022 में बारासात, भवानीपुर, राजपुर, आसनसोल साउथ, बाराबनी और हीरापुर थाना में एक-एक मामला, वर्ष 2021 में मोयना और बीरभूम साइबर थाना में एक-एक मामला तथा वर्ष 2020 में भवानीपुर में एक मामला होने का जिक्र किया है.
