बैशाखी की तैयारियां जोर-शोर से
चिनाकुड़ी : चिनाकुड़ी क्षेत्र में सिख संगत बैशाखी पर्व को तैयारियों में पूरे उल्लास से लगी है. गुरुद्वारा में गुरुग्रंथ साहिब के दरबार की भव्य सजावट की जा रही है. चिनाकुड़ी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि खालसा पंथ के स्थापना दिवस को बैशाखी पर्व के रुप में मनाया जाता है. […]
चिनाकुड़ी : चिनाकुड़ी क्षेत्र में सिख संगत बैशाखी पर्व को तैयारियों में पूरे उल्लास से लगी है. गुरुद्वारा में गुरुग्रंथ साहिब के दरबार की भव्य सजावट की जा रही है. चिनाकुड़ी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि खालसा पंथ के स्थापना दिवस को बैशाखी पर्व के रुप में मनाया जाता है.
इस क्षेत्र की सिख संगत कुल्टी स्थित गुरुद्वारे में जमा होती है. बैशाखी पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. इससे पहले चिनाकुड़ी गुरुद्वारा में मत्था टेका जाता है. उन्होंने कहा कि सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. इन दिन एक साथ अरदास और गुरुद्वारा में मत्था टेका जाता है.
शीतलपुर निवासी इकबाल सिंह ने कहा कि बैशाखी को सभी नये-नये कपड़े पहनकर गुरुद्वारा में जुटते है. खालसा पंथ का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाता है. पंजाब से रागी जत्था पहुंचते है. कीर्तन के साथ साथ लंगर का भी आयोजन होता है. बलबिंदर कौर ने बताया कि 1699 में खालसा पंथ की स्थापना हुयी थी. राज कौर ने कहा कि पहली बैशाखी के पूर्व चिनाकुड़ी गुरुद्वारे में 48 घंटा का अखंड पाठ होता है.
