शहर को बर्बाद कर नहीं बनेगी कोई ओसीपी

आश्वासन. शहर को बचाने को रानीगंज बचाओ मंच ने इसीएल के सीएमडी को सौंपा ज्ञापन

कोयले को लेकर नये सिरे से रानीगंज टाउन का नक्शा बनाने का अफसरों को दिया निर्देश खुलने जा रही है 1990 से बंद पड़ी महाबीर कोलियरी एमडीओ मोड में अमर महाबीर प्राइवेट लिमिटेड को मिला है काम, 25 साल में खनन करना है 540 लाख टन कोयला, ओसीपी व इनक्लाइन दोनों माध्यम से निकाला जायेगा कोयला आसनसोल/रानीगंज. इसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सतीश झा ने कहा कि रानीगंज शहर को नष्ट करके ओसीपी का निर्माण नहीं होने दिया जायेगा. इसे लेकर उन्होंने रानीगंज शहर का नक्शा पुनः तैयार करने का निर्देश अपने अधिकारियों को दिया. कोयला खनन के लिए रानीगंज शहर को बर्बाद करने के विरोध में रानीगंज बचाव मंच के सदस्यों ने शुक्रवार को इसीएल के सीएमडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की. जिसके बाद सीएमडी ने उन्हें यह आश्वासन दिया. सीएमडी से मिलने के बाद मंच के सदस्य काफी उत्साहित रहे. 13 नवंबर 1989 को हुए हादसे के बाद से महाबीर कोलियरी है बंद ः 13 नवम्बर 1989 को महाबीर कोलियरी में हुए हादसे के बाद से यहां कोयला खनन का काम बंद है. यह हादसा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था. इस हादसे में जसवंत सिंह गिल ने लोहे के कैप्सूल के जरिये 65 श्रमिकों को जान बचायी थी, जिसके बाद से वे कैप्सूल गिल के नाम से विख्यात हुए. इस हादसे पर फिल्म भी बनी, जिसमें मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार ने काम किया है. यह माइन्स 36 साल बाद पुनः आरंभ होने जा रहा है. इस माइन्स के शुरू होने से रानीगंज शहर को खतरा हो सकता है, इसे लेकर अनेकों एनजीओ ने इसका विरोध शुरू किया है. सारे एनजीओ के सदस्य मिलकर रानीगंज बचाव मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं. जिसे लेकर शुक्रवार को सीएमडी से मुलाकात कर ज्ञापन दिया गया.

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By GANESH MAHTO

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