साइबर फ्रॉड परिचित के मोबाइल फोन से दोस्तों को भेज रहे हैं एपीके फाइल, संख्या लाखों में पुलिस जुटी जांच में, नये पैटर्न को लेकर पुलिस भी है परेशान, भारी संख्या में लोगों के साथ ठगी होने के आसार
आसनसोल. हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर इलाके के निवासी राजेश चौधरी को उनके मित्र प्रवीण सिंह के व्हाट्सऐप नंबर से गत 29 जनवरी को एक एपीके फाइल भेजी गयी. तीन फरवरी को यह फाइल श्री चौधरी ने डाउनलोड की. इसके तुरंत बाद उन्हें कुछ अनजान नंबरों से कई डेबिट और क्रेडिट का मैसेज आया. उन्होंने बंधन बैंक के अपने दो खातों के विषय में शाखा प्रबंधक से बात की और आश्वस्त हो गये कि उनके किसी खाते से कोई राशि नहीं निकली है. चार तारीख को उनकी मोबाइल बैंकिंग परिसेवा बंद होने पर वे बैंक में गये और देखा कि उनके सेविंग खाते से पांच लाख रुपये और करंट अकाउंट से 14,99,999 रुपये निकल चुके हैं. जिसकी शिकायत साइबर क्राइम थाने में करने के बाद पुलिस की परेशानी बढ़ गयी. आशंका है कि लाखों लोगों पर ठगी का खतरा मंडरा रहा है.
कैसे हुआ यह कांड?
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) मीर सइदुल अली ने बताया कि जिस प्रवीण सिंह के व्हाट्सऐप से श्री चौधरी को एपीके फाइल भेजी गयी, वह नंबर साइबर अपराधियों के कब्जे में था और श्री सिंह के फोन में जितने भी नंबर थे, सभी को यह एपीके फाइल भेजी गयी. किसी को ट्रैफिक फाइन एपीके, किसी को बैंक एपीके नाम से फाइल भेजी गयी. श्री चौधरी ने यह फाइल खोली और अपना सारा पैसा गंवा दिया.
लाखों लोगों के पास भेजी जा रही फाइल, संख्या और भी बढ़ेगी
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री अली ने बताया कि श्री सिंह का मोबाइल अपराधियों के कब्जे में रहने के दौरान उनके सारे कॉन्टैक्ट्स को एपीके फाइल भेजी गयी. जिसने यह फाइल खोली, उसका मोबाइल भी अपराधियों के कब्जे में आ गया. उसके फोन में जितने भी नंबर मौजूद हैं, सभी को उनके नंबर से एपीके फाइल भेजी गयी. जिसने भी फाइल खोली उसका फोन भी इनके कब्जे में आ जाता है. ऐसे लाखों लोगों को ये मैसेज भेजे जा रहे और यह संख्या बढ़ती जायेगी. एक भी व्यक्ति एपीके फाइल खोलने पर कम से कम पांच-सात सौ नंबर मोबाइल में सेव रहता है, सभी को उनके नंबर से फाइल भेजा जाता है.
क्या न करें ?
श्री अली ने कहा कि किसी भी नंबर से एपीके फाइल आया हो, उसे डाउनलोड न करें और उसमें कोई भी अपनी जानकारी शेयर ने करें. इससे आप भी बचेंगे और आपके मोबाइल फोन में जितने नंबर हैं, वो लोग भी बचेंगे.
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