सभी सरकारी विभाग बनेंगे ई-कार्यालय

जिलाशासक शशांक सेठी ने कहा- ई- गवर्नेंस से कार्य में आयेगी तेजी... आसनसोल : तीन माह के अंदर ई-गवर्नेंस पद्धति के जरिये पश्चिम बर्दवान जिला मुख्यालय सहित सहयोगी सभी सरकारी विभागों का कार्यालय ई-कार्यालय में तब्दील हो जायेगा. जिसे लेकर जिला प्रशासन ने कार्य आरंभ कर दिया है. पहले चरण में सभी कार्यालय के फाइलों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 28, 2019 12:42 AM

जिलाशासक शशांक सेठी ने कहा- ई- गवर्नेंस से कार्य में आयेगी तेजी

आसनसोल : तीन माह के अंदर ई-गवर्नेंस पद्धति के जरिये पश्चिम बर्दवान जिला मुख्यालय सहित सहयोगी सभी सरकारी विभागों का कार्यालय ई-कार्यालय में तब्दील हो जायेगा. जिसे लेकर जिला प्रशासन ने कार्य आरंभ कर दिया है. पहले चरण में सभी कार्यालय के फाइलों का स्कैनिंग करने का कार्य आरंभ हो गया है.

जिलाशासक शशांक सेठी ने बताया कि ई- गवर्नेंस से कार्य में तेजी आयेगी और पारदर्शिता होगी. ई-कार्यालय को लेकर राज्य में मास्टर ट्रेनिंग का कार्य पूरा हो गया है. जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. तीन माह में जिले के सभी सरकारी कार्यालय ई-कार्यालय में तब्दील हो जायेंगे और सभी कार्यालय कागजयुक्त फाइलों से मुक्त हो जायेंगे.

सनद रहे कि राज्य सरकार ने सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-कार्यालय बनाने का कार्य आरंभ किया. राज्य में पहले सभी विभागों और सभी निदेशालयों में ई- गवर्नेंस पद्धति लागू कर ई-कार्यालय बनाया गया. राज्य सरकार अब सभी जिलों को चरणबद्ध तरीके से ई-गवर्नेंस पद्धति लागू करने का कार्य आरंभ किया है.

ई- कार्यालय बनने से अधिकारियों को फाइल के बोझ से मुक्ति मिलेगी. कागज, कलम का इस्तेमाल नहीं होगा. एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में फाइल भेजने के लिए वाहन और कर्मचारी का उपयोग बंद हो जायेगा. फाइल ऑनलाइन से अधिकारी के पास आ जायेगी. वह फाइल जब तक अधिकारी के पास रहेगी कम्प्यूटर फाइल की रिमाइंडर देता रहेगा. इससे उस फाइल को लेकर अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय हो जायी.

जिलाशासक श्री सेठी ने बताया कि ई-कार्यालय के लिए पहले चरण में सभी कार्यालयों के फाइलों का स्कैनिंग आरम्भ कर दिया गया है. इस प्रक्रिया में सभी फाइलें ऑनलाइन एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को भेजी जायेगी. हरेक अधिकारी का अपना लॉग इन आईडी होगा. जिससे वे फाइलों को देख सकेंगे और अपना जवाब उसपर लिखकर आगे भेजेंगे. इसमें समय, मैनपावर, कागज, कलम के खर्च की बचत होगी. कार्य में तेजी और पारदर्शिता आयेगी.

ई- कार्यालय को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (निक) के वेबसाइट से जोड़ने के लिए सुरक्षा ऑडिट का कार्य एक माह में पूरा हो जायेगा. कलेक्टरेट के अनुभागों के लिए आंतरिक लैन इंफ्रास्टक्चर लिया गया है. जिससे एक सर्वर के जरिये 10 से 14 कार्यालयों में कार्य होगा. तीन माह के अंदर जिला के सभी कार्यालय को ई- कार्यालय में तब्दील करने के कार्य को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.