सरकारी स्कूलों में एकमुश्त छुट्टी से अभिभावकों व शिक्षकों में नाराजगी

बच्चों को ज़िंदगी से खिलवाड़ का लगाया जा रहा है आरोप छुट्टी को कम करने की उठ रही है मांग दुर्गापुर : राज्य सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में 30 जून तक अवकाश की घोषणा कर दी है. इससे अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षक और शिक्षाप्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है. हालाकि राज्य सरकार […]

  • बच्चों को ज़िंदगी से खिलवाड़ का लगाया जा रहा है आरोप
  • छुट्टी को कम करने की उठ रही है मांग
दुर्गापुर : राज्य सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में 30 जून तक अवकाश की घोषणा कर दी है. इससे अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षक और शिक्षाप्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है. हालाकि राज्य सरकार के इस फैसले को लेकर कोई भी शिक्षक खुलकर बोलने से परहेज कर रहा है. वहीं कई शिक्षक संगठन इसके खिलाफ गोलबंद होने लगे है.
ज्ञात हो की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर तीन मई से 30 जून तक की छुट्टी रखने की सूचना दी थी. इसके बाद शुक्रवार को फिर से एक सर्कुलर जारी किया गया.
इसमें 3-4 मई के तूफान को छोड़कर 6 मई से 30 जून तक कक्षा व स्कूल दोनों को बंद रखने का सर्कुलर जारी किया गया. इस पर गहरी आपत्ति जतायी जा रही है. इस बाबत बंगीय नव उन्मेष प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य सचिव चिरंजीत धीवर ने कहा की तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है. सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का रुझान कम होता जा रहा है. ऐसे में एक मुश्त छुट्टी देना बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करना है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सोची समझी साजिश के तहत शिक्षा को तबाह करने पर तूली है.
तुष्टीकरण का लगाया आरोप
शिक्षक संघ के सचिव ने एकमुश्त इस लंबी छुट्टी के पीछे तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा की सरकार अपने राजनीतिक हित को साधने के लिए अवकाश दिया है. जबकि इससे पहले 14-15 दिनो का अवकाश होता आया है.
गर्मी बढ़ने की दशा में दो-चार दिन बढ़ता रहा है, लेकीन इतने दिनो तक कभी भी सरकारी स्कूलों में अवकाश नहीं दिया गया. कहा कि कुल 162 दिन छुट्टी, मात्र 203 दिन पढ़ाई से राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर रही है.
जिला शासक से लगायी जायेगी गुहार
दो महीने की सरकरी स्कूलों में छुट्टी को लेकर संघ समर्थित शिक्षक संगठनों ने 10 मई को जिला शासक से गुहार लगायेगा. संगठन की ओर से चिरंजीत धीवर ने कहा कि इस विषय को जिलाशासक के पास उठाया जाएगा और अवकाश की अवधि कम करने की मांग की जाएगी.
उन्होने कहा की सरकार ने जून के अंतिम महीने में जो छुट्टी बढ़ा कर दी है वह बिलकुल नाजायज है. जून के दूसरे सप्ताह से बारिश का मौसम शुरू होने लगता है. ऐसे मे जून के अंतिम सप्ताह तक गर्मी की छुट्टी देना बेमानी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >