नितुरिया में आदिवासियों ने किया सड़क जाम

नितुरिया : संथाली भाषा ओलचिकी को प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय तक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग के समर्थन में सोमवार को भारत जकात माझीपरगना महल के कर्मियों ने हरीडीह मोड़ पर सड़क जाम किया. इसके कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया. आंदोलनकारी परंपरागत हथियारों से लैस थे. सुबह छब बजे […]

नितुरिया : संथाली भाषा ओलचिकी को प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय तक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग के समर्थन में सोमवार को भारत जकात माझीपरगना महल के कर्मियों ने हरीडीह मोड़ पर सड़क जाम किया. इसके कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया. आंदोलनकारी परंपरागत हथियारों से लैस थे.
सुबह छब बजे से संध्या छह बजे तक आंदोलन चला. आंदोलनकारी इतने उग्र थे कि उन्होंने जिला कोर्ट के जज को भी जाने नहीं दिया. सिर्फ एम्बुलेंस को इससे अलग रखा गया था. बाइक चालको को एक किलोमीटर तक पैदल जाने को मजबूर किया गया.
वाहनो की बढ़ती कतार को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस ने छोटे वाहनों को गोबाग मोड़ से डायवर्ट कर दिया. जिससे छोटे वाहन लंबी दूरी तय कर रघुनाथपुर पहुंचे. हरीडीह मोड के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. एसडीपीओ सत्यब्रत चक्रबर्ती, सीआई सुकांत बनर्जी, थाना प्रभारी पंकज सिंह आदि मौजूद थे.
नेतृत्व कर रहे राजन टुड़ु ने कहा कि आन्दोलन शांतिपूर्ण चल रहा है. ओलचिकी को पाठ्यक्रम में शामिल करनेके साथ-साथ शिक्षकों की नियुक्ति भी करने की मांग की गई है. मांगो को नहीं माना गया तो इससे भी बड़ा आन्दोलन करेंगे. जरूरत पड़ी तो सामूहिक भूख हड़ताल भी की जायेगी.

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