सप्ताह में तीन दिन पीड़ितों की होगी नि:शुल्क काउंसलिंग

आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी (केएनयू) के प्रशासनिक भवन स्थित निचले तल्ले में परामर्श और सकारात्मक मनोविज्ञान केंद्र के कक्ष का उदघाटन कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती ने गुरूवार को किया. प्रशासनिक भवन में अपलाईड साइकॉलोजी विभाग एवं सेंटर फॉर काउंसिलिंग एंड पोजिटिव साइकॉलोजी ने संयुक्त रूप से युवा, व्यस्कों में तनाव और कमजोरियां विषय पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 21, 2018 4:35 AM
आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी (केएनयू) के प्रशासनिक भवन स्थित निचले तल्ले में परामर्श और सकारात्मक मनोविज्ञान केंद्र के कक्ष का उदघाटन कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती ने गुरूवार को किया. प्रशासनिक भवन में अपलाईड साइकॉलोजी विभाग एवं सेंटर फॉर काउंसिलिंग एंड पोजिटिव साइकॉलोजी ने संयुक्त रूप से युवा, व्यस्कों में तनाव और कमजोरियां विषय पर सेमिनार आयोजित किया.
उद्घाटन डॉ चक्रवर्ती ने किया. इसके पहले कुलपति डॉ चक्रवर्ती एवं अतिथियों ने विद्रोही कवि काजी नजरूल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी. कुलपति डॉ चक्रवर्ती ने बढ़ते तनावपूर्ण परिवेश पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ग और हर उम्र के लोग तनाव से पीड़ित हैं. तनाव का स्तर मनुष्यों में लगातार बढ़ रहा है.
सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य हमेशा किसी न किसी समस्या से घिरा रहता है. मनुष्य के जीवन में आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक, शारीरिक समस्याएं लगी रहती हैं जो तनाव का मुख्य कारण बनती हैँ. दैनिक कार्यों के सही रूप से संचालन के लिए उन्होंने मनुष्य का प्रसन्न चित्त और मन का तनावमुक्त रहना अनिवार्य बताया. तनावपूर्ण स्थिति से होने वाले घातक एवं अप्रिय घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तनाव में जकड़ा हुआ मनुष्य शीघ्र आपा खो देता है. परिणामस्वरूप अप्रिय और अकल्पनीय कार्य कर बैठता है. तनाव से पीड़ित लोगों को साथ लेकर चलने और उनके प्रति सहयोग एवं संवेदना की भावना रखने को कहा.
उन्होंने ऐसे लोगों से बचने की सख्त हिदायत दी जो लोग स्वभावतन अपने हिस्से का तनाव दूसरों पर थोप कर स्वयं को तनावमुक्त रखने के आदि हों. सिंपोजियम ऑन स्ट्रेस एंड वूलनरेबिलिटिज इन यांग एडल्ट पर अपना वक्तव्य रखते हुए उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण परिवेश में ही रह रहे हैँ. तनाव से बचने के लिए इसके कारणों को चिंहित कर इसके प्रबंधन करने का सुझाव दिया. उन्होंने केएनयू में लगातार हो रहे विकासमूलक कार्योँ का हवाला देते हुए कहा कि बुधवार को अगले सत्र से एमबीए पाठयक्रम के आरंभ होने को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया एवं काउंसिलिंग सेंटर खोला गया.
विज्ञान विभाग के प्रो. डॉ रॉय ने कहा कि अपने तनाव का कारण स्वयं ही हैं. मनुष्य खुद ही अपने चारों ओर ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न करता है जो उसके लिए तनाव का कारण बनती हैं.
काउंसिलिंग सेंटर में सप्ताह में तीन दिनों सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को तनाव एवं मानसिक व्याधियों से पीड़ित लोगों की नि:शुल्क काउंसिलिंग की जायेगी. सेंटर की संयोजिका उर्वी मुखर्जी ने कहा कि महीने में एक दिन कोलकाता से स्पेशलिस्ट साइकेट्रिस्ट आयेंगे. बाकी के दिनों में यूनिवर्सिटी के अपलाइड साइक्लॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर शुभब्रत पोद्दार, डॉ रोशन लाल देबांगन और वे स्वयं लोगों की काउंसिलिंग करेंगी.
सेमिनार में जादवपुर यूनिवर्सिटी के साइकोथेरेपिस्ट डॉ शुभ्रांशू आदित्य, आइक्यू सिटी (दुर्गापुर) के सहायक प्रोफेसर डॉ इमोन पॉल, केएनयू के विज्ञान विभाग के प्रो. जितेंद्र नाथ रॉय, रजिस्ट्रार शितांशू गुहा, परीक्षा नियंत्रक सलिल कुमार दास, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ निखिलेश बारीक, वित्त अधिकारी डॉ सौगत चक्रवर्ती, आइसी डॉ जयंत चक्रवर्ती, काउंसिलिंग सेंटर के संयोजक उर्वी मुखर्जी, संयुक्त संयोजक अनन्या पॉल आदि उपस्थित थीं.