16 कोलियरियों की बंदी का विरोध

सांकतोड़िया : एटक से संबद्ध कोलियरी मजदूर सभा ने सोमबार को ईसीएल मुख्यालय के समक्ष 16 सूत्री मांगो के समर्थन में सभा आयोजित की. इसके पहले सांकतोड़िया स्टेडियम के निकट से जुलूस निकाला गया.यूनियन के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह, अध्यक्ष प्रभात राय, प्रदेश माकपा सचिव मंडली के सदस्य मंजू कुमार मजूमदार, एटक के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 14, 2018 5:12 AM
सांकतोड़िया : एटक से संबद्ध कोलियरी मजदूर सभा ने सोमबार को ईसीएल मुख्यालय के समक्ष 16 सूत्री मांगो के समर्थन में सभा आयोजित की. इसके पहले सांकतोड़िया स्टेडियम के निकट से जुलूस निकाला गया.यूनियन के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह, अध्यक्ष प्रभात राय, प्रदेश माकपा सचिव मंडली के सदस्य मंजू कुमार मजूमदार, एटक के प्रदेश उपाध्यक्ष देबाशीष दत्ता, शांतिगोपाल मुखर्जी, गणेश सिंह, सिंचन बनर्जी, जानकी साव, शैलेन्द्र सिहं, जीएस ओझा, मनोज सिहं, राजेश सिंह, रमेश सिंह, अनिल सिंह, भीम विश्वकर्मा आदि ने नेतृत्व किया.
पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार के समय कोयला श्रमिकों ने लड़ाई कर जो अधिकार हासिल किया था. एनडीए सरकार धीरे धीरे छीन रही है. उन्होंने कहा कि इस समय वामपंथी यूनियनों के साथ सरकार भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा क् सीआइएल के पास तत्कालिक तथा दीर्घकालीन योजनाएं नहीं हैं. रात में श्रमिक कार्य कर निकलते हैं तथा सुबह में वर्क सस्पेंसन की नोटिस लगायी जाती है. 16 भूमिगत खदानों को बंद करने के नोटिस दी गई है. किसी भी कीमत पर इन्हें बंद नहीं होने देंगे. प्रबंधन नई खदानें खोले नहीं तो एक भी मजदूर को बाहर नहीं जाने देंगे.
उन्होंने कहा कि पुनर्वास के नाम पर सरकार करोड़ों रूपये की बंदरबांट कर रही है. गांव उजाड़े जाते हैं तो बिजली, पानी, स्कूल, क्लब, पूजा का स्थान तालाब आदि सारी सुविधाएं देनी होगी. नये प्रोजेक्ट खोलने के मांग की. उसमे दस किलोमीटर के दायरे में 30 प्रतिशत स्थानीय युवाओ की नौकरी देने को कहा. उन्होने कमर्शियल माइनिंग और निजीकरण बंद करने को कहा. ठेका श्रमिकों को ठीक ठीक मजदूरी नहीं दिये जाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि अवैध कोयला खनन में केंद्र सरकार की सीधी भागीदारी है. अगर बंगाल पुलिस मदद नहीं करती तो फिर करोड़ों रूपये खर्च कर सीआईएसएफ की तैनाती क्यो हैं? उन्होने कहा कि दसवां वेतन समझौता में तय हुआ है कि एक जनवरी, 2016 से हुए सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों को 20 लाख रूपये ग्रेच्यूटी मद में दिये जायेंगे. परंतु प्रबंधन ने 1 जनवरी 2017 से रिटायर हुए कोयला कर्मियों को 20 लाख ग्रेच्यूटी देने की सर्कुलर जारी किया है. प्रबंधन को हर हाल में एक जनवरी 2016 से ग्रेच्यूटी बीस लाख देना होगा इसके लिए चाहे जितना बड़ा लड़ाई लड़ना पड़े लड़ेंगे.