होटल व्यवसायी, प्रमोटर सोमनाथ का अंगरक्षक गया जेल

आसनसोल : ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स कॉउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा तृणमूल नेता शंकर मुखर्जी उर्फ बुम्बा पर जानलेवा हमला करने तथा फायरिंग करने से संबंधित मामले में शिकायतकर्ता मालवा मुखर्जी की शिकायत के आधार पर आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने होटल व्यवसायी तथा प्रमोटर सोमनाथ विश्वाल के बॉडीगार्ड सुनील कुमार को गिरफ्तार किया. पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 15, 2018 5:14 AM
आसनसोल : ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स कॉउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा तृणमूल नेता शंकर मुखर्जी उर्फ बुम्बा पर जानलेवा हमला करने तथा फायरिंग करने से संबंधित मामले में शिकायतकर्ता मालवा मुखर्जी की शिकायत के आधार पर आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने होटल व्यवसायी तथा प्रमोटर सोमनाथ विश्वाल के बॉडीगार्ड सुनील कुमार को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने उसके पास से लाइसेंसी रिवाल्वर व 18 राउंड कारतूस जब्त किया है. उसे शनिवार को आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया गया. एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. इस संबंध में श्री विश्वाल, सुनील सहित कई अन्य के खिलाफ भादवि की धारा 341, 325, 307, 379, 506, 34 तथआ 25 व 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. श्री विश्वाल के घर तथा कार्यालय में पुलिस ने छापेमारी की. लेकिन वे फरार पाये गये.
बुम्बा की पत्नी सुश्री मुखर्जी ने आसनसोल साउथ थाना में सुमित्ना टॉवर सह होटल प्रियंका के मालिक सोमनाथ बिश्वाल, उनके अंगरक्षक सहित आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. उन्होंने कहा कि उनका पति गुरूवार की देर रात अपने पैतृक आवास उखडा से आसनसोल लौट रहे थे. अपने घर के ठीक निकट गाडी से उतर कर श्रीपल्ली काली मंदिर में प्रणाम करने पहुंचे. श्री बिश्वाल ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें घेर लिया और धक्का मुक्की की. प्रतिवाद करने पर सोमनाथ ने अपने समर्थकों के साथ उनकी पिटाई कर दी. श्री बिश्वाल के अंगरक्षक ने उनपर फायरिंग कर दी. फायरिंग की आवाज सुन कर गाड़ी से उतर कर बीच बचाव को आये श्री मुखर्जी के चालक की भी बुरी तरह बुरी तरह पिटाई की गयी.
उन्होंने कहा कि आठ साल पहले सुमित्ना टावर का एक फ्लैट और ऑफिस उन्होंने सोमनाथ से खरीदा था और भुगतान कर दिया था. कई बार आग्रह करने पर भी घर और ऑफिस की रजिस्ट्री नहीं की. रजिस्ट्री करने के दबाव में आकर उनसे पीछा छुडाने के लिए ही उन पर जानलेवा हमला किया गया. उनके गले का सोने का चैन और पर्स में रखे बीस हजार रूपये छिन लिये गये.
इधर तृणमूल जिलाध्यक्ष वी. शिवदासन (दासू) ने जिला अस्पताल में जाकर घायल श्री मुखर्जी से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली. सोमनाथ के आसनसोल साउथ पीपी से वापस लौटने की सूचना पाकर जिलाध्यक्ष श्री दासू ने आसनसोल साउथ पीपी प्रभारी अमित हलदर को फोन कर फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी वह पुलिस के सामने से कैसे निकल गया? उन्होंने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया.
आरोपी सोमनाथ ने सभी आरोपों को मनगढंत बताते हुए कहा कि वे आसनसोल से बाहर थे. शुक्र वार की सुबह ही आसनसोल लौटे. हमले की घटना से इंकार करते हुए कहा कि बुम्बा ने कई वर्षों पहले सुमित्ना टावर के दो फ्लैट खरीदा था. वर्षों बीतने के बाद भी पूरा भुगतान नहीं किया.