सिलीगुड़ी:आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन को बांग्लादेश में सत्ता विरोधी पार्टियों का वरदहस्त प्राप्त है. पूरे बांग्लादेश में भारत विरोधी करीब 65 आतंकी शिविर सक्रिय हैं.
इनमें त्रिपुरा के आतंकी संगठन केन15 शिविर बांग्लादेश के चटगांव के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में चल रहे है. इन सभी शिविरों में भारत में सक्रिय उल्फा, बोडो, गुरिल्ला, इंडियन मुजाहीदीन, सिमी जैसे आतंकी संगठनों के लड़ाकों को जेहाद के नाम पर आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन्हें भारत विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा है. यह गोपनीय खबर केंद्र की खुफिया एजेंसी एवं बीएसएफ सूत्रों से प्राप्त हुई है.
बीएसएफ के उत्तर बंगाल फ्रंटियर के डिप्टी इंस्पेक्टर जेनरल (डीआइजी) डी हाओकिप ने इन गोपनीय खबरों को स्वीकार किया. हालांकि उन्होंने उत्तर बंगाल से सटे भारत-बांग्लादेश सीमांत के 619.259 किलोमीटर इलाके में एक भी आतंकी शिविर न होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में भारत विरोधी जो भी आतंकी शिविर चल रहे हैं, वह सभी बांग्लादेश के दुर्गम जंगलों एवं दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मौजूद हैं. इन शिविरों में जमात-उल-मुजाहिदीन, जमायत-ए-इसलामी, इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के सक्रिय नेता व प्रशिक्षकों द्वारा लड़ाकों को जेहाद का प्रशिक्षण दिया जाता है. इन शिविरों में अब युवती व महिलाओं को भी आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बर्दवान बम विस्फोट के बाद गिरफ्तार आतंकी बदरूल आलम मौल्ला उर्फ हासेम का तार भी बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के साथ जुड़े होने की पुष्टि हुई है.
बांग्लादेश व भारत में सक्रिय आतंकी संगठनों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ, इसलामी स्टेट का आतंकी संगठन आइएसआइएस जैसे संगठनों का पूरा शह मिल रहा है. इन संगठनों से इन्हें आर्थिक एवं हथियार व गोलाबारूद तक मुहैया कराया जाता है. हाओकिप ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बर्दवान विस्फोट कांड में गिरफ्तार आतंकी के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्रलय से अब तक अलर्ट के लिए कोई लिखित सूचना नहीं मिली है. इसके बावजूद बीएसएफ के जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर चौबीस घंटे पूरे उत्साह के साथ मुश्तैद हैं.
