जलपाईगुड़ी शहर के तीन नंबर वार्ड के उत्तर सुकांतपल्ली की घटना
जलपाईगुड़ी : शराब और नशीले पदार्थ के अवैध कारोबार के खिलाफ खड़ी हुई महिलाओं पर जानलेवा हमला किया गया. इस हमले में छह आंदोलनकारी महिलाएं जख्मी हुई हैं, जिनमें से चार को गंभीर चोट आयी है. शुक्रवार को होली के दूसरे दिन जलपाईगुड़ी शहर के तीन नंबर वार्ड अंतर्गत उत्तर सुकांतपल्ली इलाके में हुई घटना के बाद पीड़ितों ने कोतवाली थाने में विश्व राय, बापी अधिकारी, टिंकू अधिकारी समेत कुल पांच लोगों को नामजद करते हुए शिकायत दर्ज करायी है.
गंभीर रूप से घायल गीता राय, उषारानी राय, फाल्गुनी राय और सविता राय को जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है. दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी है.
इन महिलाओं का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. हालांकि कोतवाली थाने के आईसी विश्वाश्रय सरकार का कहना है कि आरोपी फरार हैं. उन्हें पकड़ने के लिये तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. शनिवार की शाम को एक बार फिर से आंदोलनकारी महिलाओं ने कोतवाली थाने के बाद प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर से हमलावरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि उत्तर सुकांतपल्ली इलाके में अवैध रूप से शराब के अलावा गांजा व अन्य नशीले पदार्थ का कारोबार चल रहा था. इसका प्रतिवाद करने के अलावा स्थानीय महिलाओं ने कोतवाली थाने में ज्ञापन सौंपकर अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. लेकिन पुलिस के पक्ष से कार्रवाई नहीं होते देख कई शराब के ठेकों को महिलाओं ने तोड़ दिया. महिलाओं का कहना है कि पुलिस द्वारा कदम नहीं उठाने से उन्हें यह काम खुद करना पड़ा.
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि शुक्रवार को महिलाएं होली खेल रहीं थीं. उसी समय आरोपियों ने उन पर रॉड और धारदार हथियारों से अचानक हमला कर दिया. कुल छह महिलायें इस हमले में जख्मी हुईं. महिलाओं में नशे के खिलाफ आक्रोश इस कदर है कि एक रात अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वे फिर से शनिवार को कोतवाली थाने पहुंच गयीं प्रतिवाद के लिए.
एक स्थानीय महिला रंजना दास ने बताया कि इसके पहले भी उन लोगों ने पुलिस से धमकी मिलने की शिकायत की थी. लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया. अब हम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. अगर अब भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे अवैध शराब और नशीले पदार्थ के कारोबार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगी.
