गोलीकांड को लेकर फिर माहौल गरमाया, भारी तनाव, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

सिलीगुड़ी : उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर के निकट दाड़ीभीट गोलीकांड को लेकर पक्ष और विपक्ष द्वारा निकालने के कारण सिलीगुड़ी का माहौल गरमा गया. शुक्रवार को भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी के सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला कमेटी की ओर से शहर में रैली निकालने की योजना थी. जवाब में तृणमूल द्वारा भी रैली निकालने की […]

सिलीगुड़ी : उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर के निकट दाड़ीभीट गोलीकांड को लेकर पक्ष और विपक्ष द्वारा निकालने के कारण सिलीगुड़ी का माहौल गरमा गया. शुक्रवार को भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी के सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला कमेटी की ओर से शहर में रैली निकालने की योजना थी. जवाब में तृणमूल द्वारा भी रैली निकालने की तैयारी की गयी.
एबीवीपी की रैली में गोलीकांड में मृत राजेश तथा तापस के परिवार के सदस्य भी शामिल होने के लिए इस्लामपुर से सिलीगुड़ी आये थे. इस दौरान कोई अप्रिय घटना ना घटे,इसके लिए पुलिस प्रशासन की तैयारी भी जोरों पर थी.पूरे इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई थी. एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों से रैली में शामिल होने आये कार्यकर्ताओं को एनजेपी तथा सिलीगुड़ी जंक्शन के विभिन्न इलाकों में रोक कर रखा गया.
लेकिन अंत तक पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर एबीवीपी ने आज के रैली रद्द कर दी. एबीवीपी की रैली को देखते हुए हॉस्पिटल मोड़ से कंचनजंघा स्टेडियम तक सड़क को पुलिस ने बंद कर दिया गया था. जिसके चलते सुबह से ही भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई थी. रैली में शामिल होने के लिए उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों से संगठन के कार्यकर्ता सिलीगुड़ी के कंचनजंघा स्टेडियम में इकठ्ठा हो रहे थे. दूसरी ओर रैली को व्यर्थ करने के लिए पुलिस ने भी पूरी तैयारी कर ली थी.
जहां कंचनजंघा स्टेडियम इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के साथ अन्य आला अधिकारी काफी देर तक यहीं जमे रहे. एबीवीपी ने दावा किया है कि रैली में शामिल होने आये कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न बस टर्मिनल तथा रेलवे स्टेशनों पर रोक कर रखा गया है.
धरना प्रदर्शन में शामिल मृतक राजेश की मां ने आरोप लगाते हुए कहा कि मामले की कोई जांच नहीं हो रही. उन्होंने गोलीकांड में मृत राजेश तथा तापस को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग है. उन्होंने कहा सीआईडी जांच पर उनका भरोसा नहीं है. घंटों धरना प्रदर्शन करने के बाद भी पुलिस द्वारा रैली की अनुमति नहीं मिलने पर अंत में एबीवीपी की ओर से रैली रद्द करने का फैसला लिया गया.
नेताओं का कहना है कि एबीवीपी एक छात्र संगठन है. वे किसी भी प्रकार के हिंसा के साथ नहीं जुड़ सकते हैं. जिस कारण आज की रैली रद्द करने का फैसला लिया गया है. इसके बाद भी अगर मामले की सीबीआई जांच नहीं हुई तो दुर्गा पूजा के बाद वृहद आंदोलन किया जायेगा.एबीवीपी के केन्द्रीय कमेटी की ओर से सुनिल अंबेडकर ने बताया कि दाड़ीभीट में घटी घटना काफी निंदाजनक है.
घटना के बाद वे राजेश के घर गये थे. जहां उन्होंने लोगों के मन भय देखा. उन्होंने कहा कि अगर आमलोगों को कोई समस्या होती है तो वे सरकार तथा पुलिस के पास जाते हैं. लेकिन वहां के लोगों के लिए ऐसा कुछ नहीं है. श्री अंबेडकर ने बताया कि सरकार का काम स्कूल खोलना तथा लोगों को शिक्षित करना है. बंगाल में ठीक इसके विपरीत नजारा है. उन्होंने राज्य सरकार की जमकर आलोचना की. इस मौके पर एबीवीपी के सचिव एन के रघुनंदन व अन्य उपस्थित थे.
एनजेपी में कुछ कार्यकर्ताओं पर बदमाशों ने किया हमला
एनजेपी स्टेशन से बाहर निकलते वक्त एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला भी हुआ. कुछ बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में कई एबीवीपी कार्यकर्ता घायल हुए हैं. बबली मुखर्जी नामक एक महिला नेता का मोबाईल फोन भी तोड़ दिया गया. घटना की खबर मिलकते ही आरपीएफ, जीआरपी तथा एनजेपी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा रैली की अनुमति नहीं मिलने पर एबीवीपी कार्यकर्ता तथा समर्थक स्टेडियम संलग्न इलाके में धरने पर बैठ गये. इनलोगों ने राज्य सरकार तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की.

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