सिलीगुड़ी : टैक्स चोरी रोकने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार चाहे जितने भी कड़े कानून क्यों ना बना ले, लेकिन टैक्स का घपला करने वाले उसकी कोई ना कोई तोड़ निकाल लेते हैं .कुछ इसी तरह का मामला सिलीगुड़ी में सामने आया है. टैक्स चोरी रोकने तथा राजस्व बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू किया है. लेकिन इसमें भी घपला होने लगा है.
अब जीएसटी बचाने के लिए कारोबारी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी के एक मार्बल कारोबारी ने भूटान एक्सपोर्ट के नाम पर सरकार को करीब एक करोड़ रूपये से भी अधिक का चूना लगाया है. इस सिलसिले में एक मार्बल कारोबारी के 3 ठिकानों पर छापामारी की गई है.
जीएसटी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीरज मार्बल नामक प्रतिष्ठान के तीन दुकानों तथा गोदाम में छापामारी की गई है. जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं. यह छापामारी सिलीगुड़ी के सरकारपाड़ा, 3 माइल तथा ईस्टर्न बाईपास स्थित नीरज मार्बल के ठिकानों में की गई है. वहां से जब्त दस्तावेजों की जांच जीएसटी अधिकारी कर रहे हैं. सूत्रों ने आगे बताया कि भूटान एक्सपोर्ट के नाम पर जीएसटी हजम करने का यह पूरा मामला पिछले काफी दिनों से चल रहा था.
दरअसल नीरज मार्बल के मालिक भूटान एक्सपोर्ट के नाम पर घपला कर रहे हैं. भूटान मार्बल एक्सपोर्ट के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए. जबकि भूटान मार्बल की आपूर्ति ही नहीं की गई. उसके फर्जी बिल बना लिए गए . मार्बल की बिक्री भूटान में दिखाई गई. जबकि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं. फर्जी बिल बनाकर मार्बल को सिलीगुड़ी के खुले बाजार में बगैर बिल का भेज दिया गया.
इससे सरकार को करीब एक करोड़ रूपये से भी अधिक का चूना लगाया गया. सूत्रों ने बताया कि इस मामले में और भी कई लोगों के नाम सामने आ रहे हैं. जीएसटी अधिकारियों ने हालांकि इस संबंध में अभी कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है. लेकिन उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.
एक जीएसटी अधिकारी ने बताया कि कई तरह के दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इन दस्तावेजों की जांच के बाद जीएसटी के घपले की रकम और भी अधिक बढ़ सकती है.यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी में इससे पहले भी जीएसटी में घपले का मामला सामने आया है.
