सिलीगुड़ी : शहर में तेजी से पांव पसार रहे हुक्का बार किशोरों के लिए अड्डा मारने का पसंदीदा ठिकाना बन गये हैं. किशोरों की सेहत से खिलवाड़ करके हुक्का बार संचालक मोटी कमाई कर रहे हैं. शहर के ज्यादातर बड़े रेस्टोरेंट व पब में हुक्का उपलब्ध हैं. हालांकि सरकारी कानून को देखते हुए यहां जो हुक्का पेश किया जाता है उसमें तंबाकू होता है.
इसकी जगह आम, केला, सेब, अनानास, नारंगी का फ्लेवर होता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हानिकारक नहीं है. भले ही इसमें निकोटीन न हो, पर धुएं के साथ कई जहरीले रसायन फेफड़े में जाते हैं. इसके अलावा केवल धुआं भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है.
पुलिस व प्रशासन की ओर से भी हुक्का बार को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. कई बार इस तरह की मांग उठने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. बता दें की जब सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर जयरमन थे तब उन्होंने शहर में कई बार छापेमारी अभियान चलावाया था. उस समय कई हुक्का बार बंद हो गये थे. लेकिन अब फिर से सेवक रोड स्थित प्लानेट बिल्डिंग, सिटी सेंटर, सालाबाड़ी, प्रधान नगर आदि इलाके में हुक्का बार चलने की खबर आ रही है.
हुक्के से होनेवाले नुकसान के संबंध में शहर के जाने-माने चिकित्सक डॉ एसके चौधरी का कहना है कि हुक्का पीना बहुत हानिकारक है. इससे कई बीमारियों का जन्म होता है. दमा, एलर्जी, सांस की समस्या हो सकती है. ज्यादा सेवन करने पर हार्ट की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है. हुक्का में इलायची, सेब आदि का कृत्रिम फ्लेवर मिलाया जाता है. इनके रसायन धुएं के साथ शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचते हैं. और फिर, कोई भी धुआं तो धुआं ही होता है.
इस संबंध में सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर डॉ भरतलाल मीणा का कहना है कि हुक्का बार चलानेवालों के पास लाइसेंस है या नहीं, इसकी जांच-पड़ताल की जायेगी. यदि लाइसेंस नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी.
