कोलकाता : रानीगंज की गृहिणी पुष्पा भालोटिया की रहस्यमय मौत की कलकत्ता हाइकोर्ट ने सीबीआइ जांच के निर्देश दिये हैं. मंगलवार को न्यायाधीश राजाशेकर मान्था ने निर्देश दिया कि एक हफ्ते के भीतर सीआइडी मामले से जुड़े सभी कागजात सीबीआइ को सौंप दे. साथ ही मौत के कारणों की जांच के लिए सीबीआइ को एक विशेष जांच टीम गठन करने का भी निर्देश दिया.
मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील पार्थ सेनगुप्ता व सौमप्रिय चौधरी ने कहा कि एक वर्ष होने चला है लेकिन अभी तक पुष्पा भालोटिया की मौत के रहस्य से सीआइडी परदा नहीं हटा पायी है. यहां तक कि आरोपियों से पूछताछ तक नहीं हुई है. उनका यह भी कहना था कि गत वर्ष पांच अक्तूबर को पुष्पा के मायके में खबर की गयी कि पुष्पा ने आत्महत्या कर ली है.
सूचना पाकर उसके मायके के लोग अस्पताल पहुंचे. पोस्टमार्टम में पता चला कि पहले पुष्पा को गोली लगी थी और बाद में वह जली थी. पुष्पा के पति मनोज भालोटिया सहित ससुराल के लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दायर करने पर भी एक महीने तक पुलिस जांच में कोई प्रगति नहीं हुई थी.
पुलिस निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए पुष्पा के बड़े भाई गोपाल कुमार अग्रवाल हाइकोर्ट पहुंचे थे. अदालत के निर्देश पर सीआइडी ने जांच शुरू की,लेकिन सीआइडी जांच में भी किसी प्रकार की प्रगति नहीं होने का आरोप है. सीआइडी के वकील का कहना था कि सीआइडी जांच कर रही है. आरोपियों को कई बार बुलाने पर भी वह हाजिर नहीं हो रहे हैं. सीआइडी के कथन पर हाइकोर्ट ने असंतोष प्रकट किया. इसके बाद मामले की सीबीआइ जांच का निर्देश दिया गया.
