UP News: जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जा रहे दो छात्रों के साथ कथित मारपीट का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. खास बात यह है कि वीडियो खुद आरोपी सत्यम पंडित ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था. वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है.
वीडियो पोस्ट कर लिखा- 'कुछ कॉकरोचों का इलाज कर दिया'
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से सटे गाजियाबाद के रहने वाले सत्यम पंडित ने जंतर-मंतर जा रहे दो छात्रों को रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट की. इसके बाद उसने इस पूरी घटना का वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड कर दिया. वीडियो के साथ उसने लिखा, "जंतर-मंतर जाकर कुछ कॉकरोचों का इलाज करा, जो कहते हैं करके दिखाते हैं." पोस्ट वायरल होने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई.
खुद को 'हिंदू वीर सेना' का अध्यक्ष बताता है
सत्यम पंडित अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को 'हिंदू वीर सेना' नामक संगठन का अध्यक्ष बताता है. मारपीट का शिकार हुए छात्र खुद को छात्र आंदोलन का समर्थक बता रहे थे. घटना के बाद कई लोगों ने आरोप लगाया कि कानून अपने हाथ में लेना किसी भी हाल में उचित नहीं है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
पहले भी कई विवादों में आ चुका है नाम
यह पहला मौका नहीं है जब सत्यम पंडित का नाम विवादों में आया हो. इससे पहले भी वह कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है. बताया जाता है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय को लेकर कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा फरवरी 2026 में गाजियाबाद में मंगलवार के दिन मीट की दुकानें बंद कराने को लेकर हुए विवाद में भी उसका नाम सामने आया था. उस मामले में मीट विक्रेताओं के साथ कथित मारपीट के आरोप में पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की थी.
अखिलेश यादव ने X पर उठाए सवाल
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए लिखा कि भाजपा और उसके सहयोगियों के व्यवहार और हिंसा को पूरा देश देख रहा है. उन्होंने युवाओं से किए गए वादों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भरोसे का विलोम ही भाजपा है. उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती हैं.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में एक कार के भीतर बैठा व्यक्ति छात्रों से पहले उनका नाम पूछता दिखाई देता है. इसके बाद धर्म से जुड़ी टिप्पणी करता है और फिर कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए हाथापाई करने लगता है. वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है. वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है. वहीं, घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और कई संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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