UP News: महंगाई की मार से परेशान लोगों के लिए एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर है. चीनी के बाद अब गेहूं के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले एक महीने में गेहूं के भाव में करीब ₹200 प्रति कुंतल तक का उछाल आया है. अनाज मंडी में गेहूं का भाव अब ₹2,850 प्रति कुंतल तक पहुंच गया है. इसका असर खुले आटे से लेकर ब्रांडेड पैकेट के दामों पर भी दिख रहा है.
मंडी में गेहूं का भाव ₹2,850 तक पहुंचा
पिछले एक महीने में गेहूं के दाम में लगातार तेजी देखने को मिली है. अनाज मंडी में अभी गेहूं ₹2,850 प्रति कुंतल तक बिक रहा है. वहीं, वेयरहाउस का गेहूं भी ₹2,870 प्रति कुंतल तक पहुंच गया है. कारोबारियों के मुताबिक, फिलहाल मंडी में गेहूं की आवक काफी कम है. हालांकि, आगे स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है.
आटे के दाम भी बढ़े, जानें नया रेट
गेहूं महंगा होने का असर आटे की कीमत पर भी नजर आ रहा है. खुले बाजार में चक्की का आटा ₹34 से ₹35 प्रति किलो तक बिक रहा है. वहीं, 10 किलो का नॉन-ब्रांडेड आटा पैकेट ₹350 से ₹360 रुपये तक है. 10 किलो के ब्रांडेड आटे की कीमत ₹390 से ₹440 रुपये तक पहुंच गई है. थोक बाजार में 44 किलो आटे की बोरी का भाव करीब ₹1,450 तक है.
क्यों बढ़ रहे हैं गेहूं के दाम?
गेहूं की कीमतों में तेजी के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं. पहली वजह केंद्र सरकार की ओर से गेहूं के निर्यात को खोलने की अनुमति देना है. दूसरी वजह यह है कि अगले रबी सीजन के लिए सरकार जल्द ही गेहूं का MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर सकती है. थोक कारोबारियों का मानना है कि अगला MSP पिछले सीजन से ज्यादा हो सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में गेहूं के दाम में और तेजी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है.
पिछले साल से ₹160 ज्यादा था MSP
गेहूं का MSP अप्रैल 2026 में ₹2,585 प्रति कुंतल रहा था. यह वर्ष 2025 के मुकाबले ₹160 प्रति कुंतल अधिक था. अब मंडी में गेहूं का भाव ₹2,850 प्रति कुंतल तक पहुंच चुका है. ऐसे में किसानों और कारोबारियों की नजर आगामी सीजन के MSP पर टिकी हुई है.
लगातार बढ़ रही जरूरी खाद्य चीजों की कीमत
इन दिनों रोजमर्रा की जरूरत वाली कई खाद्य चीजों के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं. पहले चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली और अब गेहूं के भाव बढ़ने से आम लोगों के बजट पर असर पड़ सकता है. गेहूं महंगा होने का सीधा असर आटा, सूजी और मैदा जैसी चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
कारोबारियों ने क्या कहा?
आटा-मैदा-सूजी थोक विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित जैन के मुताबिक, गेहूं के दाम में यह सामान्य उतार-चढ़ाव है, जो मौसम के हिसाब से चलता रहता है. बाजार में गेहूं और उससे बनने वाले आटा, सूजी और मैदा की सप्लाई लगातार बनी हुई है. वहीं, मंडी समिति गंगोह के आढ़ती प्रदीप तायल ने बताया कि वेयरहाउस का गेहूं ₹2,870 प्रति कुंतल तक बिक रहा है. इसमें सभी टैक्स और बारदाने समेत खर्च शामिल हैं. फिलहाल मंडी में गेहूं की आवक बेहद कम है, हालांकि आगे स्थिति अच्छी रहने की उम्मीद है. मंडी में गेहूं के भाव ₹2,850 प्रति कुंतल तक हैं. इस पर एक प्रतिशत मंडी यूजर चार्ज भी लगता है. कारोबारियों के मुताबिक, निर्यात की घोषणा के बाद गेहूं के दाम में आंशिक तेजी आई है और आगामी सीजन के रेट जल्द घोषित होने की संभावना है.
आगे और बढ़ सकते हैं गेहूं के दाम?
फिलहाल गेहूं की कीमतों में तेजी के दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं—निर्यात की अनुमति और आगामी सीजन के MSP की घोषणा. अगर नया MSP पिछले सीजन से ज्यादा रहता है तो गेहूं के भाव में आगे भी उछाल देखने को मिल सकता है. हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि यह तेजी बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा भी हो सकती है और गेहूं, आटा, सूजी व मैदा की सप्लाई फिलहाल बनी हुई है.
