UP News: अगर आपके वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC (PUCC) एक्सपायर हो चुका है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. गाजियाबाद में 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध PUC वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और CNG देने पर रोक लगाने की तैयारी है. नई व्यवस्था लागू होने से पहले पेट्रोल पंपों पर मोबाइल ऐप के जरिए जांच का अभ्यास शुरू कर दिया गया है.
26,384 वाहनों का PUC वैध नहीं
जिले के आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में 26,384 वाहनों का PUC वर्तमान में वैध नहीं है. इनमें 20,193 दोपहिया, 6,070 कार, 108 ट्रैक्टर, एक एंबुलेंस, एक मालवाहक वाहन और नौ बसें शामिल हैं. इन वाहन मालिकों को 1 अक्टूबर से पहले अपना प्रदूषण प्रमाणपत्र अपडेट कराने की जरूरत होगी.
135 पेट्रोल पंपों पर होगी व्यवस्था
गाजियाबाद में करीब 135 पेट्रोल, डीजल और CNG पंप इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे. ईंधन देने से पहले वाहन की पहचान और PUC की वैधता जांचने की व्यवस्था बनाई जा रही है. वैध प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर ईंधन देने पर रोक रहेगी.
ANPR कैमरों से होगी पहचान
व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगाए जाने हैं. हालांकि अभी किसी पेट्रोल पंप पर कैमरे स्थापित नहीं हुए हैं. फिलहाल खाद्य एवं रसद विभाग मोबाइल ऐप के जरिए व्यवस्था का परीक्षण कर रहा है. सेल्समैन वाहन नंबर दर्ज कर PUC की स्थिति जांच रहे हैं.
पहले जागरूकता, फिर लागू होगी सख्ती
अधिकारियों की ओर से फिलहाल वाहन चालकों को वैध PUC बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर व्यवस्था का परीक्षण भी किया है. 1 अक्टूबर से नियम लागू होने के बाद बिना वैध PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था रहेगी.
क्या पूरे यूपी में लागू होगा नियम?
मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत गाजियाबाद में व्यवस्था की तैयारी से हुई है और इसे आगे प्रदेश स्तर पर लागू किए जाने की संभावना बताई गई है. हालांकि इस खबर में पूरे यूपी के सभी जिलों में लागू होने की अलग-अलग तारीख का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है.
