Jewar Barrier Free Toll System: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक का सफर अब और आसान होने वाला है. जेवर के करौली बांगर इलाके में बने टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को टोल देने के लिए न लाइन में लगना होगा और न ही गाड़ी रोकनी पड़ेगी. यहां बैरियर-फ्री टोल सिस्टम के जरिए चलते वाहन से ही टोल वसूला जाएगा.
टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं
करौली बांगर में बनाए गए टोल प्लाजा पर पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर नहीं लगाए जाएंगे. सड़क पर लगे ANPR कैमरे चलते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे. वाहन की पहचान होने के बाद उससे जुड़ी FASTag जानकारी के आधार पर निर्धारित टोल राशि अपने आप काटी जाएगी. यानी ड्राइवर को न खिड़की खोलनी होगी और न ही बैरियर खुलने का इंतजार करना पड़ेगा.
आखिर कैसे कटेगा टोल?
इसे आसान भाषा में समझें तो जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरेगी, कैमरा उसकी नंबर प्लेट पढ़ लेगा. इसके बाद वाहन की पहचान FASTag से जुड़ी जानकारी के जरिए होगी और तय टोल शुल्क अपने आप वसूल लिया जाएगा. इस तरह गाड़ी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ती रहेगी और टोल के लिए रुकना नहीं पड़ेगा. हालांकि, ऐसी व्यवस्था में FASTag में पर्याप्त बैलेंस रखना जरूरी है. NHAI की मौजूदा MLFF व्यवस्था में पर्याप्त बैलेंस न होने या FASTag के काम न करने पर ई-नोटिस जारी करने का प्रावधान है.
त्योहारों में जाम से मिल सकती है राहत
टोल प्लाजा पर त्योहारों और लंबी छुट्टियों के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने से अक्सर लंबी कतारें लग जाती हैं. फ्री-फ्लो व्यवस्था का उद्देश्य इसी तरह के अनावश्यक ठहराव को कम करना है. NHAI देश के दूसरे राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी ANPR और FASTag आधारित मल्टी-लेन फ्री-फ्लो सिस्टम को बढ़ावा दे रहा है.
नोएडा एयरपोर्ट से मोहना तक कनेक्टिविटी होगी आसान
यह लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हरियाणा के मोहना क्षेत्र में यमुना नदी तक जोड़ रहा है. NHAI के मुताबिक, इसे दिसंबर तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का लक्ष्य है. इसके बाद एयरपोर्ट से मोहना तक इस मार्ग को आम लोगों के लिए खोलने की योजना है.
देश के करीब 25 टोल प्लाजा पर ऐसी तैयारी
बिना रुके टोल वसूली की यह तकनीक सिर्फ जेवर तक सीमित नहीं है. NHAI देश के करीब 25 राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रहा है. इसमें ANPR कैमरों और FASTag की मदद से वाहन की पहचान और टोल वसूली की जाती है. यानी आने वाले समय में टोल प्लाजा पर रुककर भुगतान करने की पारंपरिक व्यवस्था की जगह ऐसी तकनीक बढ़ सकती है, जिसमें वाहन चलते रहें और टोल की प्रक्रिया अपने आप पूरी हो जाए.
