UP News: उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है. वहीं कानपुर बैराज से एक लाख सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रयागराज में भी दिखने लगा है. वहीं कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. मंगलवार को और अधिक पानी प्रयागराज पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने तटीय इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और लोगों से समय रहते राहत शिविरों में शिफ्ट होने की अपील की.
कानपुर बैराज से बढ़ा डिस्चार्ज, जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी
कानपुर बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में लगातार इजाफा हुआ है. शनिवार को 42 हजार क्यूसेक, रविवार को 64 हजार क्यूसेक और सोमवार सुबह से 1.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसका असर प्रयागराज में मंगलवार से और अधिक देखने को मिल सकता है. सोमवार शाम तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.61 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 74.59 मीटर दर्ज किया गया. सिंचाई विभाग के अनुसार गंगा, यमुना और टोंस तीनों नदियों के जलस्तर में आगे भी बढ़ोतरी की संभावना है.
डीएम ने तटीय इलाकों का किया निरीक्षण, राहत केंद्रों की तैयारियां परखी
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नगर आयुक्त सीलम साई तेजा और एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह के साथ छोटा बघाड़ा, दारागंज और गंगानगर समेत तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव की तैयारियों की जानकारी ली और राहत शिविरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए.
लोगों से अपील- बाढ़ का इंतजार न करें, समय रहते शिफ्ट हो जाएं
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए कहा कि बाढ़ आने का इंतजार न करें. जलस्तर बढ़ते ही सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों में पहुंच जाएं. प्रशासन ने इस बार बघाड़ा क्षेत्र के लिए एनी बेसेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज की जगह होली ट्रिनिटी स्कूल में राहत शिविर बनाया है. डीएम ने निर्देश दिए कि राहत शिविर में लेखपाल, कंट्रोल रूम और संबंधित विभागों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सहायता मिल सके.
