UP News: उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता (B2B मीट) सम्मेलन के पहले दिन आलू किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई. उद्यान एवं कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आलू के बाजार भाव में गिरावट आने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना लागू की है. इसके लिए 1000 करोड़ रुपये का भावांतर भुगतान कोष तैयार किया गया है. साथ ही रूस, मलेशिया समेत अन्य देशों में यूपी के आलू के निर्यात की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है.
भाव गिरा तो किसानों को मिलेगा अनुदान
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अगर आलू का बाजार भाव उत्पादन लागत से कम हो जाता है, तो लागत और बिक्री दर के अंतर के आधार पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बाजार भाव में होने वाले उतार-चढ़ाव से आर्थिक नुकसान से बचाना है. आगरा में आयोजित सम्मेलन में आलू के उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, निर्यात और किसानों को बेहतर बाजार भाव दिलाने को लेकर मंथन किया गया.
निजी कोल्ड स्टोरेज के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान
आलू किसानों को निजी शीतगृहों में अपनी उपज भंडारित करने के खर्च में राहत देने के लिए भी व्यवस्था की गई है. मंत्री ने बताया कि योजना के तहत भंडारण प्रभार पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा है. किसानों को इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है और राहत की राशि सीधे उनके आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी. दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का मंडी शुल्क माफ करने पर विचार कर रही है.
जेवर एयरपोर्ट पर बनेगा आलू एक्सपोर्ट सेंटर
मंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर आलू निर्यात की सरल प्रक्रिया और सर्टिफिकेशन के लिए जल्द भवन तैयार किया जाएगा. इससे प्रदेश के आलू किसानों को निर्यात में सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि यूपी के आलू को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ओडिशा सरकार के साथ बैठक की गई है. इसके अलावा रूस, मलेशिया समेत अन्य देशों में आलू निर्यात की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है. आगरा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र, पेरू-लीमा की शाखा शुरू किए जाने की बात भी उन्होंने कही. रिपोर्ट के अनुसार, इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की बात मंत्री ने कही है.
31 जिलों के किसान और देशभर के खरीदार हुए शामिल
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रैंड मर्क्योर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में 31 जिलों के आलू उत्पादक किसान, देशभर के व्यापारी, एक्सपोर्टर, कोल्ड स्टोरेज संचालक और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए. सम्मेलन का उद्देश्य आलू किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू की शत-प्रतिशत निकासी सुनिश्चित करना है. पहले दिन आलू के उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, निर्यात और बाजार में बेहतर कीमत दिलाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
