Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं. ट्रस्ट में सचिव और प्रवक्ता नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. वहीं, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और तीन नए ट्रस्टियों के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है. इसके साथ ही मंदिर के संचालन और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर भी सहमति बनी है.
नौ संतों की समिति संभालेगी धार्मिक व्यवस्था
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं की निगरानी के लिए नौ संतों की समिति का गठन किया है. समिति की अध्यक्षता ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी करेंगे. इसमें ट्रस्ट के पांच सदस्य और अयोध्या के तीन प्रमुख संतों को शामिल किया गया है. इनमें राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण भी सदस्य होंगे. समिति का उद्देश्य मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं और पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं की निगरानी करेगी.
सचिव और प्रवक्ता होंगे नियुक्त
ट्रस्ट की बैठक में सचिव और प्रवक्ता नियुक्त करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई. ट्रस्ट के अनुसार, सावन झूला मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बेहतर समन्वय को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. वहीं, सीईओ और नए ट्रस्टियों के चयन की प्रक्रिया जारी है. ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है.
SIT रिपोर्ट पर चर्चा टली, सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा
बैठक में चढ़ावे की राशि की गणना में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा नहीं हो सकी, क्योंकि रिपोर्ट अभी ट्रस्ट को नहीं मिली है. इसके अलावा राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और चढ़ावे की गणना प्रणाली की भी समीक्षा की गई. ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि कैमरों की निगरानी व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम कर रही है. साथ ही परिसर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा की गई.
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