UP News: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित डेटा सेंटर पार्क में बिजली आपूर्ति के लिए अदाणी समूह को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है. नियामक आयोग ने अदाणी समूह की ओर से दाखिल आवेदन को स्वीकार कर लिया है और प्रस्ताव पर एक महीने के भीतर आपत्ति व सुझाव मांगे हैं. प्रस्ताव सामने आने के साथ ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसका विरोध शुरू कर दिया है.
नियामक आयोग ने आवेदन स्वीकार किया
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस स्टेप-इलेवन लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने नोएडा के डेटा सेंटर पार्क में बिजली आपूर्ति के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस की मांग की थी. नियामक आयोग ने आवेदन का परीक्षण करने के बाद इसे स्वीकार कर लिया. अब प्रस्ताव को विज्ञापित कर संबंधित पक्षों से एक महीने में आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं. प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के बाद आयोग लाइसेंस देने को लेकर फैसला करेगा.
उपभोक्ता परिषद ने जताई आपत्ति
राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रस्ताव को उपभोक्ता हितों के विपरीत बताया है. उन्होंने कहा कि अदाणी समूह पहले भी समानांतर वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन कर चुका है और उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद यह मामला वर्ष 2023 से विचाराधीन था. परिषद का कहना है कि इस लाइसेंस का असर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की वित्तीय स्थिति और उपभोक्ताओं के हितों पर पड़ सकता है.
संघर्ष समिति ने बताया निजीकरण का रास्ता
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने भी प्रस्ताव का विरोध किया है. उन्होंने इसे पिछले दरवाजे से निजीकरण की कोशिश बताया. उनका कहना है कि जब अधिकारी खुले तौर पर पूर्वांचल और दक्षिणांचल के निजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सके, तो अब इस तरह का रास्ता अपनाया जा रहा है.
ग्रेटर नोएडा में पहले मिल चुका है लाइसेंस
डेटा सेंटर के क्षेत्र में समानांतर वितरण लाइसेंस का यह पहला मामला नहीं है. ग्रेटर नोएडा में एनआईडीपी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को पहले ही डेटा सेंटर के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस दिया जा चुका है. वहीं, अदाणी समूह के मामले में उपभोक्ता परिषद और संघर्ष समिति ने उपभोक्ताओं व अन्य हितधारकों से मामले को छिपाने का भी आरोप लगाया है. अब आयोग को प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी.
