UP News: लखनऊ में सीतापुर हाईवे पर सरैया बाजार के पास कार में आग लगने से हुई मौत के मामले में मृतक की पहचान पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर अलमाश हक के रूप में हुई है. खुर्रमनगर निवासी अलमाश करीब सात साल पहले मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ चुके थे और अमीनाबाद में दवा का कारोबार करते थे. परिवार के मुताबिक, वह गुरुवार रात किसी से उधारी के रुपये लेने की बात कहकर घर से निकले थे. इसके बाद वह घर नहीं लौटे.
पत्नी से आखिरी बार हुई थी बात
गुरुवार रात करीब नौ बजे अलमाश पत्नी इकरा और तीन साल की बेटी को घर पर छोड़कर कार से निकले थे. रात 10:49 बजे पत्नी ने फोन कर खाने के लिए पूछा तो उन्होंने थोड़ी देर में घर आने की बात कही. करीब 11:30 बजे दोबारा फोन करने पर संपर्क नहीं हुआ. रात 12:30 बजे परिवार को सूचना मिली कि सरैया बाजार के पास कार में आग लगी है. कार के अंदर जला हुआ शव मिला था.
कार के आधार पर परिजनों ने की पहचान
अलमाश के पिता हमीदुल हक, पत्नी इकरा और अन्य परिजनों ने कार के आधार पर शव की पहचान की है. पुलिस ने डीएनए जांच भी कराई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद पहचान की आधिकारिक पुष्टि होगी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार हाईवे किनारे खड़ी थी और शव का एक हाथ स्टेयरिंग में फंसा हुआ था. पुलिस अब कार में आग लगने के कारणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है.
हत्या की आशंका, पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने आशंका जताई है कि उधारी के रुपये के विवाद में अलमाश की हत्या की गई हो सकती है. हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है. एसीपी बीकेटी विकास कुमार पांडेय के अनुसार, परिवार की ओर से अभी कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है. पुलिस अलमाश के बीकेटी जाने की वजह, उनकी कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. हत्या और हादसा, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है.
