उन्नाव से कानपुर जाने वालों की बढ़ेगी मुश्किल! ऐसा क्या हुआ कि 3 महीने बंद रहेगा जाजमऊ पुल, जानें पूरा डायवर्जन

Kanpur Traffic Diversion: कानपुर को उन्नाव से जोड़ने वाला जाजमऊ पुराना गंगा पुल मरम्मत के चलते तीन महीने के लिए बंद हो जाएगा. 16 सितंबर से शुरू होने वाले इस बंद के कारण भारी वाहनों को 90 किमी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा. जानिए आपके लिए कौन से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे.

Kanpur Traffic Diversion: कानपुर को उन्नाव से जोड़ने वाला जाजमऊ पुराना गंगा पुल मरम्मत के चलते तीन महीने तक बंद रहेगा. पुल बंद होने से पहले 13 से 15 सितंबर तक ट्रैफिक डायवर्जन का ट्रायल किया जाएगा. इसके बाद 16 सितंबर से तीन महीने तक लखनऊ और उन्नाव की ओर से कानपुर आने वाले हल्के और भारी सभी तरह के वाहनों का जाजमऊ पुल से आवागमन बंद रहेगा. भारी वाहनों को उन्नाव-फतेहपुर के बक्सर गंगाघाट के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा. प्रशासन ने वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं.

13 से 15 सितंबर तक डायवर्जन का ट्रायल

11 सितंबर को अमावस्या है और 12 सितंबर तक बक्सर गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए 13 सितंबर से डायवर्जन का ट्रायल करने का निर्णय लिया गया है. 13 से 15 सितंबर तक अस्थायी डायवर्जन रहेगा. इसके बाद 16 सितंबर से जाजमऊ गंगा पुल पर आवागमन बंद कर तीन महीने के लिए डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा. उन्नाव डीएम घनश्याम मीना और एसपी जयप्रकाश सिंह ने बक्सर पुल का निरीक्षण किया है. पीडब्ल्यूडी को 16 सितंबर तक संबंधित सड़कों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं. बक्सर और गेंगासो पुल पर यातायात के दबाव की निगरानी भी की जाएगी.

जाजमऊ बंद होने पर 90 किमी ज्यादा चलेगा भारी ट्रैफिक

उन्नाव से कानपुर आने के लिए जाजमऊ पुराना गंगा पुल प्रमुख मार्ग है. इसके बंद होने के बाद भारी वाहनों को कानपुर पहुंचने के लिए करीब 90 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा. उन्नाव के गदनखेड़ा से रामादेवी चौराहा की दूरी करीब 17 किलोमीटर है, जबकि गदनखेड़ा से बक्सर घाट होकर रामादेवी चौराहा की दूरी करीब 107 किलोमीटर है. गदनखेड़ा से बक्सर घाट तक लगभग 54 किलोमीटर और बक्सर घाट से फतेहपुर हाईवे होते हुए रामादेवी चौराहा तक करीब 53 किलोमीटर की दूरी है.

इन रास्तों से गुजरेंगे भारी वाहन

बक्सर गंगाघाट की मरम्मत के दौरान भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाया गया हाईट गेज मंगलवार को हटा दिया गया है. अब भारी वाहन फतेहपुर से जहानाबाद और बिंदकी होते हुए बांदा-हमीरपुर समेत बुंदेलखंड की ओर जा सकेंगे. वहीं रायबरेली से कानपुर की तरफ आने वाले भारी वाहन लालगंज और फतेहपुर सीमा पर गंगा नदी पर बने गेंगासो पुल के रास्ते फतेहपुर होकर आ-जा सकेंगे. इसके लिए एनएचएआई ने रायबरेली प्रशासन से बातचीत की है. लखनऊ और उन्नाव से कन्नौज की ओर जाने वाले भारी वाहन कानपुर-उन्नाव सीमा पर बिठूर के पास परियर गंगा पुल से कानपुर की सीमा में प्रवेश कर सकेंगे.

हल्के वाहनों के लिए शुक्लागंज का रास्ता

कानपुर आने वाले हल्के वाहनों को शुक्लागंज गंगा पुल और सरैंया क्रॉसिंग के रास्ते शहर की सीमा में प्रवेश कराया जाएगा. इस तरह जाजमऊ पुल बंद रहने के दौरान अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा. प्रशासन का प्रयास है कि तीन महीने तक चलने वाले डायवर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे.

अमावस्या मेले को देखते हुए लिया गया फैसला

उन्नाव डीएम घनश्याम मीना के अनुसार, बक्सर गंगाघाट में अमावस्या पर मेला लगता है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. अगले दिन भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. इसी वजह से 13 सितंबर से ट्रायल डायवर्जन शुरू किया जाएगा. जाजमऊ गंगा पुल पर आवागमन बंद होने के बाद डायवर्जन को आगे तीन महीने के लिए स्थायी कर दिया जाएगा. एसपी उन्नाव जयप्रकाश सिंह के अनुसार, 11 सितंबर के बाद तीन दिनों का अस्थायी डायवर्जन होगा, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. जाजमऊ पुल बंद रहने के दौरान लखनऊ से आने वाले भारी ट्रैफिक लोड को बांदा-बहराइच और बक्सर गंगा पुल के रास्ते निकाला जाएगा.

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By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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