UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार घुमंतु, विमुक्त, अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के बच्चों की शिक्षा तथा उनके सामाजिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन समुदायों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री ने यह बात अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कही.
शिक्षा और आवासीय सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घुमंतु जातियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं. इन विद्यालयों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ रहने और भोजन की निशुल्क सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं, जहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
विमुक्त जातियों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, छात्रों, युवाओं और विमुक्त जातियों के हितों को सरकार की प्राथमिकताओं में स्थान मिला है. उन्होंने कहा कि विमुक्त जातियों को किसी भी तरह से 'क्रिमिनल ट्राइब' नहीं कहा जा सकता. ये वे समुदाय हैं, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया और अब उन्हें वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं.
बोर्ड के गठन में सभी जातियों को मिलेगा प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतु समुदायों से जुड़े बोर्ड के गठन और उसके कार्यों को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने संबंधित मंत्री से इस प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा. साथ ही उन्होंने कहा कि बोर्ड की संरचना में बदलाव करते हुए विभिन्न जातियों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि हर समुदाय की आवाज सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके.
सम्मानजनक जीवन देने का सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार घुमंतु जातियों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अब इन समुदायों को दर-दर भटकने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हिस्सा है और डबल इंजन की सरकार इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.
