Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया में पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के केंद्र महर्षि भृगु मंदिर की तस्वीर बदलने जा रही है. शहर में करीब 10,520 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से भृगु कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इस परियोजना के तहत महर्षि भृगु मंदिर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ गंगा तट और ऐतिहासिक ददरी मेला क्षेत्र से सीधे जोड़ा जाएगा. पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह रविवार सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में विधि-विधान से भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च में परियोजना को मंजूरी दी थी.
पहले चरण में 50 करोड़ रुपये होंगे खर्च
भृगु कॉरिडोर का निर्माण पर्यटन विभाग कराएगा. परियोजना के प्रथम चरण के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसमें मुख्य प्रवेश द्वार समेत विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे. शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं. वहीं, परियोजना के तहत करीब 4.67 करोड़ रुपये परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर खर्च होने का अनुमान है. जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि भृगु कॉरिडोर बलिया की धार्मिक और पर्यटन पहचान को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है.
गंगा तट और ददरी मेला क्षेत्र से जुड़ेगा कॉरिडोर
कॉरिडोर की सबसे खास कड़ी इसे गंगा तट और ददरी मेला क्षेत्र से जोड़ना है. गंगा तट तक पहुंचने के लिए जगन्नाथ चौधरी की मूर्ति से जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण और पिचिंग का काम पूरा किया जा चुका है. धोरीघाट बाबा के सामने पुलिया भी बनकर तैयार हो गई है. अब इसे गंगा मार्ग से जोड़ने का कार्य किया जाएगा. इसके बाद भृगु मंदिर, गंगा तट और ददरी मेला क्षेत्र एक ही कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे. मंदिर परिसर का विस्तार और सुंदरीकरण करने के साथ चौड़े रास्ते, व्यवस्थित गलियारे और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
कार्तिक पूर्णिमा पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं
महर्षि भृगु मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और पूजन के लिए करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं. वहीं, ऐतिहासिक ददरी मेले में 50 लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ बलिया के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है.
