उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी घोषणा की है. गोरखपुर में बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के परिचय समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार अधिवक्ताओं को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए जल्द ही एक प्रभावी और ठोस व्यवस्था तैयार करेगी. उन्होंने वकीलों को समाज का सजग प्रहरी, संविधान का सारथी और नागरिकों के विश्वास का मुख्य प्रतीक बताया.
अधिवक्ता कल्याण निधि और आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने वकीलों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने अधिवक्ता कल्याण निधि को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है. इसके लिए 500 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड गठित किया गया है और अब तक चार हजार अधिवक्ताओं को 200 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है. इसके अलावा सहायता प्राप्त करने की अधिकतम आयु सीमा भी 70 वर्ष तक बढ़ा दी गई है.
नए आपराधिक कानून यूपी के हर जिले में मिलेगी फॉरेंसिक जांच की सुविधा
देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों को पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं. सात वर्ष से अधिक सजा वाले गंभीर मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होने के कारण राज्य सरकार हर जिले में फॉरेंसिक लैब और तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध करा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के समावेश से न्यायिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी तथा किसी भी निर्दोष नागरिक को गलत तरीके से फंसने से बचाया जा सकेगा.
देश विरोधी ताकतों और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
अपने संबोधन में सीएम योगी ने अधिवक्ताओं से देश विरोधी ताकतों और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए समाज को जाति, भाषा और धर्म के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें की जा रही हैं. ऐसे में वकीलों को विधिक एवं सामाजिक स्तर पर सजग रहकर इन साजिशों का मजबूती से प्रतिकार करना होगा ताकि न्याय व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे.
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