वाराणसी-प्रयागराज वालों के लिए गेमचेंजर होगा 9850 करोड़ का सागर-सतना एक्सप्रेसवे, MP का सफर होगा सुपरफास्ट

UP News: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी जल्द ही एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है. सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की मदद से वाराणसी और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. यह 9850 करोड़ रुपये की परियोजना यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ व्यापार को भी बढ़ावा देगी.

UP News: उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए मध्य प्रदेश से जुड़ी सड़क कनेक्टिविटी जल्द नए स्तर पर पहुंच सकती है. सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए यूपी के वाराणसी और प्रयागराज समेत कई प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश के बड़े शहरों से बेहतर होने की उम्मीद है. करीब 9850 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना MP-UP के बीच आवाजाही को आसान बनाने के साथ यात्रा का समय भी घटा सकती है.

वाराणसी से भोपाल का सफर होगा काफी आसान

अभी भोपाल से वाराणसी जाने में सतना-रीवा रूट के जरिए करीब 12 से 14 घंटे लगते हैं. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के बाद यह सफर करीब 8 घंटे में पूरा होने का अनुमान है. मौजूदा करीब 760 किलोमीटर के सफर की दूरी भी घटकर लगभग 590 किलोमीटर रह सकती है. इससे वाराणसी और पूर्वांचल से मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

प्रयागराज और विंध्य क्षेत्र को भी मिलेगा फायदा

इस परियोजना का फायदा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और वाराणसी के साथ आसपास के इलाकों को भी मिलने की संभावना है. एक्सप्रेसवे के जरिए सागर, सतना और रीवा जैसे शहरों तक पहुंच आसान होगी. इससे यूपी के यात्रियों और कारोबारियों के लिए मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक तेज सड़क संपर्क विकसित होगा. बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई और क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

सागर-सतना की दूरी घटकर 227 KM होगी

227 किलोमीटर लंबे इस 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर से सागर और सतना के बीच मौजूदा करीब 300 किलोमीटर की दूरी घटकर लगभग 227 किलोमीटर रह जाएगी. दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय भी 6 से 8 घंटे से घटकर करीब 3 घंटे होने का अनुमान है. इसका सीधा फायदा यूपी की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिल सकता है, क्योंकि सतना-रीवा रूट पूर्वांचल से जुड़ने वाला अहम मार्ग है.

9850 करोड़ की परियोजना, DPR अंतिम चरण में

मध्य प्रदेश सरकार इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है. सर्वे पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है. परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी-प्रयागराज से MP की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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