UP news : आजकल घर में कुत्ता या बिल्ली पालना कई लोगों का शौक बन गया है. लेकिन अगर आप लखनऊ में रहते हैं और घर में पालतू जानवर रखने की सोच रहे हैं, तो अब कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा. लखनऊ नगर निगम ने पालतू पशुओं को लेकर नई उपविधि जारी की है. इसके तहत कुत्ता-बिल्ली पालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ पशु को जब्त भी किया जा सकता है.
खरीदने के 15 दिन के अंदर देनी होगी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत अगर कोई व्यक्ति कुत्ता या बिल्ली खरीदता है, तो उसे 15 दिन के भीतर नगर निगम को इसकी जानकारी देनी होगी. इसके बाद पालतू पशु का लाइसेंस लेना जरूरी होगा. बिना लाइसेंस कुत्ता या बिल्ली पालने पर 1 हजार से 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. शासन ने साल 2004 में बनी उपविधि में संशोधन करते हुए पालतू पशु की अनुज्ञप्ति, नियंत्रण और विनियमन उपविधि, 2025 जारी की है. इसमें पालतू पशुओं को रखने से जुड़े कई नए नियम शामिल किए गए हैं.
घर के आकार के हिसाब से रख सकेंगे पेट्स
नई उपविधि में घर के आकार के अनुसार पालतू पशुओं की संख्या भी निर्धारित की गई है. 200 वर्ग फीट तक के घर में अधिकतम दो पालतू पशु रखे जा सकेंगे, जबकि 300 वर्ग फीट से बड़े घर में अधिकतम चार पालतू पशु रखने की अनुमति होगी. वहीं, अगर कोई व्यक्ति पांच या उससे अधिक पालतू पशु रखना चाहता है, तो उसे पशु शेल्टर बनाना होगा. इसके लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से अनुमति लेनी होगी.
बिल्ली के लिए भी तय की गई जगह
नई व्यवस्था में सिर्फ कुत्तों ही नहीं, बल्कि बिल्लियों के लिए भी नियम तय किए गए हैं. पालतू बिल्ली के लिए कम से कम 10 वर्ग फीट जगह उपलब्ध करानी होगी. इसके अलावा कुत्ते और बिल्ली के रहने की जगह की नियमित सफाई करनी होगी. आसपास गंदगी और संक्रमण न फैले, इसके लिए रोजाना सफाई के साथ कीटनाशक का छिड़काव भी करना होगा.
एक साल के लिए मिलेगा लाइसेंस
पालतू पशु का लाइसेंस एक साल के लिए वैध होगा. इसकी अवधि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक निर्धारित की गई है. लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने पर अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ सकता है.
क्या बोले नगर निगम के अधिकारी?
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि शासन की ओर से नई उपविधि जारी की गई है. इसमें अब कुत्तों के साथ बिल्लियों को भी शामिल किया गया है. नगर निगम की ओर से निर्धारित लाइसेंस फीस को भी मंजूरी दे दी गई है. नई व्यवस्था का उद्देश्य पालतू पशुओं की संख्या को नियंत्रित करने के साथ उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना और आसपास रहने वाले लोगों को होने वाली परेशानी को कम करना है.
