UP News : पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं में बढ़ती नाराजगी ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है. Gen-Z यानी युवा वोटरों के बीच बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब यूपी बीजेपी ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है. पार्टी युवाओं तक पहुंचने के लिए राष्ट्रवाद, विकसित भारत और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों को अपने अभियानों से जोड़ रही है. वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों के बाद बीजेपी ने युवाओं के बीच अपनी सक्रियता और बढ़ा दी है.
पेपर लीक के बाद Gen-Z में बढ़ा असंतोष
पेपर लीक के मामलों को लेकर Gen-Z के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है. सत्ताधारी दलों के लिए यह असंतोष चिंता का विषय बन गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता भी इस माहौल को समझते हुए युवाओं के साथ खड़े रहने का संदेश दे रहे हैं. इसी बीच बीजेपी ने भी युवा वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने के लिए कई स्तरों पर काम शुरू कर दिया है.
मोहन भागवत के बयान से मिला 'मंत्र'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने Gen-Z को राष्ट्रवादी और देश का भविष्य बताया है. उनके इस संदेश को आने वाले चुनावों में युवाओं की अहम भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी भी अब इसी दिशा में युवाओं से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रही है.
'हर घर तिरंगा' अभियान में युवाओं को जिम्मेदारी
बीजेपी 11 से 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाएगी. खास बात यह है कि इस अभियान की कमान युवाओं को दी गई है. पार्टी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संगोष्ठियों का आयोजन करेगी. इसके जरिए राष्ट्रवाद के एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ-साथ Gen-Z के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा.
2047 तक विकसित भारत का संदेश भी अभियान में शामिल
बीजेपी के अभियानों में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य भी शामिल किया गया है. पार्टी इसी संदेश के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है. इसके अलावा छह महीने तक चलने वाले 'संत रविदास समरसता संकल्प अभियान' के तहत भी बीजेपी कॉलेजों में कार्यक्रम और संगोष्ठियां आयोजित करेगी. इनमें समाज सुधारकों और सामाजिक आंदोलनों पर चर्चा होगी और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
युवा मोर्चा भी सितंबर तक कॉलेजों में सक्रिय रहेगा
जंतर-मंतर समेत देश के अलग-अलग शहरों में छात्रों के धरना-प्रदर्शन के बीच बीजेपी ने अपने युवा मोर्चे को भी मैदान में उतार दिया है. उत्तर प्रदेश में भाजयुमो सितंबर तक प्रदेश के कॉलेजों और शैक्षणिक परिसरों में सक्रिय रहेगा. पार्टी की कोशिश है कि युवाओं के बीच जाकर उनकी भागीदारी बढ़ाई जाए और Gen-Z का भरोसा जीता जा सके. कुल मिलाकर पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं में बन रहे असंतोष के बीच यूपी बीजेपी ने युवा वोटरों तक पहुंचने के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. अब राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और विकसित भारत जैसे मुद्दों के जरिए Gen-Z को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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