Shauryanama Maha Abhiyan 2025: महुआ डाबर से क्रांति की मशाल फिर जली, देशभर से जुटे क्रांतिकारी वंशज और युवा

Shauryanama Maha Abhiyan 2025: भारत की आजादी के संघर्ष की अनसुनी कहानियों को फिर से जाग्रत करने के उद्देश्य से मंगलवार को बस्ती जनपद के बहादुरपुर ब्लॉक स्थित ऐतिहासिक गांव महुआ डाबर से ‘शौर्यनामा’ महाअभियान 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ. महुआ डाबर क्रांति दिवस पर आज सुबह 8 बजे क्रांति स्थल पर प्रशासन की ओर से शस्त्र सलामी दी गई, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति की गूंज फैल गई.

Shauryanama Maha Abhiyan 2025: उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के ऐतिहासिक गांव महुआ डाबर से ‘शौर्यनामा’ महाअभियान 2025 का भव्य शुभारंभ किया गया. 1857 की क्रांति के दौरान इस छोटे से गांव ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ साहसिक विद्रोह किया था, जिसके प्रतिशोध में 3 जुलाई 1857 को इसे पूरी तरह जला दिया गया और ‘गैर-चिरागी’ (जहां अब कोई चिराग नहीं जलेगा) घोषित कर नक्शे से मिटा दिया गया था. 2011 की खुदाई और 2022 में स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल होने के बाद यह गांव फिर से राष्ट्र की स्मृति में लौट आया. ‘शौर्यनामा’ महाअभियान के जरिए महुआ डाबर की गाथा को राष्ट्रीय चेतना में स्थापित करना और आने वाली पीढ़ियों को यह बताना कि हर बलिदान मायने रखता है, चाहे वह इतिहास की परछाइयों में खो ही क्यों न गया हो.

सैकड़ों ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और मुफ्त दवा वितरण

समारोह में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों की शुगर, बीपी, मलेरिया, टायफायड और हीमोग्लोबिन की जांच कर मुफ्त दवाएं वितरित की गईं. यह शिविर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की सेवा-भावना की याद दिलाता प्रतीत हुआ.

स्वतंत्रता संग्राम की दुर्लभ धरोहरों की प्रदर्शनी

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दुर्लभ धरोहरों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ, जिसमें महुआ डाबर, 1857 की क्रांति और देश के विभिन्न हिस्सों के क्रांतिकारियों से जुड़ी दस्तावेजी सामग्रियां, चित्र और सामग्री प्रदर्शित की गईं. यह प्रदर्शनी इतिहास के उस अध्याय को फिर से खोलती है, जिसे समय ने लगभग भुला दिया था.

“महुआ डाबर जलेगा नहीं, जले हुए इतिहास को जगाएगा!”

दोपहर 3 बजे शहीद अशफाक उल्ला खां स्मृति द्वार से क्रांतिकारी वंशजों और प्रमुख अतिथियों का स्वागत कर क्रांति स्थल तक यात्रा निकाली गई. शाम 4.30 बजे से ‘संकल्प सभा’ का आयोजन हुआ, जिसे 1857 के विद्वान देव कबीर, शहीद शोध संस्थान के सूर्यकांत पांडेय, गुलजार खां के वंशज डॉ. इरफान खान, मुराद अली, संतराम मौर्य, विनय कुमार आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ शाह आलम राना ने किया. शाम में महुआ डाबर विजय दिवस के प्रतीक स्वरूप मशाल जलाकर गांव को ‘गैर-चिरागी’ की पीड़ा से रोशन किया गया. लोगों ने एक स्वर में नारा दिया— “महुआ डाबर जलेगा नहीं, जले हुए इतिहास को जगाएगा!”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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