नीले झंडे और 26 छड़ियों के साथ दरबार में पहुंचने पर पूरी होती है मन्नत, जानिए क्यूं होता है सहारनपुर का मेला, 800 साल पुरानी है परंपरा

सहारनपुर में 800 साल पुराना श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज का छड़ी मेला श्रद्धा और परंपरा का संगम है. दूर-दूर से भक्त नीले झंडे और छड़ियां लेकर पहुंचते हैं, यह मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

Saharanpur Chhadi Mela : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज का ऐतिहासिक छड़ी मेला धूमधाम से आयोजित हो रहा है. गंगोह रोड स्थित गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. दूर-दराज के कई राज्यों से लोग नीले झंडे और निशान लेकर यहां पहुंच रहे हैं.

800 साल पुरानी है मेले की परंपरा

गोगा जी महाराज का यह मेला करीब 800 वर्षों से आयोजित होने की परंपरा बतायी जाती है. शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर लगने वाले इस मेले में नेजा और 26 छड़ियां शोभायात्रा के साथ म्हाड़ी पर पहुंचती हैं. तीन दिवसीय मेले के दौरान पूरा क्षेत्र गोगा जी महाराज के जयकारों से गूंज रहा है.

नीले झंडे और छड़ियों के साथ पहुंच रहे श्रद्धालु

श्रद्धालु परिवार और संगत के साथ म्हाड़ी पर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग निशान चढ़ाकर अपनी मनोकामना मांग रहे हैं. श्रद्धालुओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. नीले झंडों और छड़ियों के साथ पहुंच रही संगत मेले की भव्यता बढ़ा रही है.

मनोकामना पूरी होने की है मान्यता

श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि गोगा जी महाराज के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. इसी आस्था के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. मेले में धार्मिक आस्था के साथ वर्षों पुरानी परंपरा का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.

श्रद्धालुओं ने बतायी अपनी आस्था

स्थानीय मीडिया से बात करते हुए श्रद्धालु मोहन भारद्वाज ने बताया कि वह बचपन से ही गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आते रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबा जाहरवीर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होने की मान्यता है. वहीं, रीना अरोड़ा ने बताया कि म्हाड़ी पर आकर उन्हें काफी अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि यह सहारनपुर का महत्वपूर्ण धार्मिक मेला है और लोग संगत के साथ यहां पहुंचकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं. श्रद्धालु अनूप कुमार ने बताया कि हर साल हजारों की संख्या में लोग निशान चढ़ाने के लिए यहां पहुंचते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं. सहारनपुर निवासी शालिनी गर्ग ने बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से लगातार गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें काफी अच्छा लगता है और बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होने की मान्यता है.

सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने किए इंतजाम

मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. जगह-जगह CCTV कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की टीमें व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रख रही हैं.

जयकारों से गूंज रहा मेला परिसर

तीन दिवसीय छड़ी मेले में श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं. गोगा जी महाराज के जयकारों से मेला परिसर भक्तिमय नजर आ रहा है. नीले झंडों और छड़ियों के साथ पहुंच रही श्रद्धालुओं की भीड़ सहारनपुर की सदियों पुरानी आस्था और परंपरा की झलक पेश कर रही है.

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By रवि रंजन कुमार

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