अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जेल में बंद आरोपी पूर्व बैंककर्मी सुभाषचंद्र श्रीवास्तव को न्यायालय से आंशिक राहत मिली है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत ने आरोपी के सीज किए गए पेंशन खाते से केवल जून माह की पेंशन राशि निकालने की इजाजत दी है. जुलाई में हस्तगत हुई इस राशि के मिलने से आरोपी को फिलहाल अस्थाई राहत मिली है. विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने सीज पेंशन खाते से राशि निकालने की दी मंजूरी, मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी.
न्यायालय के आदेश और बैंक प्रक्रिया की स्थिति
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जून 2026 माह की जो पेंशन राशि जुलाई 2026 में बैंक खाते में प्राप्त हुई है, उसे ही बैंक से निकालने की स्वीकृति दी जा रही है. अदालत के इस आदेश के बाद बैंक अधिकारी सीज खाते से निर्दिष्ट राशि जारी करेंगे.
विवेचक द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट
सोमवार को इस चर्चित मामले के विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी स्वयं अदालत में उपस्थित हुए. उन्होंने आरोपी के बैंक खाते से जुड़े अन्य सभी लेनदेन का विस्तृत ब्योरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया. विवेचक ने अदालत को सूचित किया कि वे 25 जून 2026 के बाद खाते से होने वाले लेनदेन को अवमुक्त करने के संबंध में अनापत्ति दर्ज करा चुके हैं.
लंबित लेनदेन और अगली सुनवाई का निर्णय
हालांकि आरोपी के सीज बैंक खाते में अन्य समयावधि के दौरान हुए पैसों के लेनदेन का मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है. अदालत इस पहलू पर गंभीरता से विचार कर रही है कि खाते को पूरी तरह अनफ्रीज किया जाए या नहीं। इस पूरे प्रकरण की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें पेश आंकड़ों पर पुनः विचार होगा.
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