UP News: अयोध्या स्थित राम मंदिर में पुजारियों के ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव किया गया है. अब सभी पुजारी रामानंदाचार्य परंपरा के अनुसार बिना सिला पीले रंग का उत्तरीय वस्त्र पहनकर ही गर्भगृह में प्रवेश करेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के समय चौबंदी पहनने का नियम था, जिसे अब बदल दिया गया है. सर्दियों के मौसम में भी इसी तरह के पीले ऊनी वस्त्र पहने जाएंगे. इसके साथ ही मंदिर में पूजा-अर्चना, भगवान के श्रृंगार, भोग और आरती की पूरी विधि को सुव्यवस्थित किया जा रहा है.
धार्मिक समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति की ऑनलाइन बैठक में पुजारियों के आचरण, दिनचर्या और धार्मिक परंपराओं पर विस्तृत चर्चा की गई. मंदिर व्यवस्था को प्राचीन वैष्णव परंपरा तथा रामानंदाचार्य संप्रदाय की मान्यताओं के अनुसार स्थायी रूप देना मुख्य उद्देश्य है. समिति सदस्यों ने परिसर का दौरा कर श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था और झूलनोत्सव की तैयारियों का जायजा भी लिया. जल्द ही इन सभी नियमों के प्रारूप को अंतिम रूप देकर नियमित रूप से मंदिर परिसर में लागू किया जाएगा.
मंदिर संचालन हेतु सीईओ पद की नियुक्ति पर उठते सवाल
धार्मिक समिति के सदस्य मिथिलेश नंदनी शरण ने मंदिर संचालन के लिए किसी प्रशासनिक सीईओ की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. उनका मानना है कि मठ-मंदिरों का संचालन भगवान के प्रति निष्ठावान और धार्मिक परंपराओं को जीने वाले लोगों द्वारा ही होना चाहिए. यद्यपि प्रशासनिक दक्षता आवश्यक है, फिर भी ऐसे अधिकारियों की प्राथमिकता आस्था के स्थान पर व्यवस्था हो सकती है. यदि सीईओ की नियुक्ति होती भी है, तो उनके अधिकार पूरी तरह स्पष्ट होने चाहिए ताकि परंपराओं का सही पालन हो सके.
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