UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से वाराणसी जाने वाली 12167 वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रेल ट्रैक पर अज्ञात लोगों द्वारा लोहे का रॉड रखे जाने का मामला सामने आया है. समय रहते लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की सक्रियता से ट्रेन सुरक्षित निकल गई और सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई. घटना के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है.
लोहे का रॉड देखकर तुरंत रोकी गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर प्रयागराज की ओर बढ़ रही थी. इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर लोहे का रॉड रखा मिला. इसे देखते ही संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और ट्रैक की जांच की गई. इसके बाद रॉड को हटाकर रेल यातायात सामान्य किया गया. अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते यह रॉड नहीं हटाया जाता, तो तेज रफ्तार ट्रेन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था.
बड़ी साजिश की आशंका, हर पहलू की जांच
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक पर जानबूझकर किसी भी प्रकार की धातु या भारी वस्तु रखना गंभीर अपराध है. शुरुआती जांच में इस घटना को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह शरारत थी, तोड़फोड़ का प्रयास था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा. जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी.
सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. साथ ही ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों और रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि रॉड रखने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान की जा सके.
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. ट्रैक पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पिछले कुछ समय में रेलवे ट्रैक पर अवरोधक वस्तुएं रखे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे मामलों के बाद रेलवे ने संवेदनशील रूटों पर गश्त बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को आज मिल सकती है हरी झंडी, PIB के सामने पेश होगा 900 करोड़ का प्लान
