UP News: प्रयागराज के दरियाबाद इलाके में पार्क की जमीन को लेकर करीब दो दशक पुराना मामला सामने आया है. मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि पटेल नगर हाउसिंग स्कीम में निर्धारित पार्क की जमीन पर 2006 में कब्जा कर उसे कब्रिस्तान में शामिल कर दिया गया. मेयर ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर पार्क के रूप में बहाल करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
तीन दिन में खड़ी कर दी गई थी दीवार
मेयर के पत्र के मुताबिक, पटेल नगर हाउसिंग स्कीम के लेआउट में पार्क और प्लेग्राउंड के लिए त्रिकोणाकार जमीन निर्धारित थी. करीब 2006 तक कॉलोनी के बच्चे इस स्थान पर खेलते थे और स्थानीय लोग सामाजिक गतिविधियों के लिए भी इसका इस्तेमाल करते थे. आरोप है कि अगस्त 2006 में तीन सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर जमीन के चारों ओर कच्ची-पक्की दीवार खड़ी कर दी गई. इसके बाद जमीन का स्वरूप बदल गया.
आजम खान और अतीक को लेकर लगाए आरोप
मेयर की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में तत्कालीन सपा सरकार के शहरी विकास मंत्री आजम खान और माफिया अतीक अहमद को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पत्र में दावा किया गया कि उस समय कथित दबाव के कारण अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की और स्थानीय लोगों को भी शांत कर दिया गया. हालांकि, ये आरोप मेयर की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.
CM के संज्ञान के बाद दो टीमें गठित
मेयर के पत्र का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं. एक टीम राजस्व विभाग और दूसरी प्रयागराज विकास प्राधिकरण से जुड़ी है. दोनों टीमें जमीन के रिकॉर्ड, लेआउट और मौजूदा स्थिति की जांच करेंगी. रिपोर्ट आने के बाद ही पार्क की जमीन को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी.
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