UP News: नोएडा के सर्फाबाद गांव के रहने वाले एक पुरोहित को जौनपुर में कथित तौर पर बंधक बनाने का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने पहले अनिल कुमार तिवारी से धार्मिक अनुष्ठान कराया था. इसके बाद उनकी कथित मनोकामना पूरी नहीं हुई. आरोप है कि इसके बाद अनुष्ठान में खर्च हुए रुपये वापस लेने के लिए अनिल तिवारी को दोबारा जौनपुर बुलाया गया और उन्हें बंधक बना लिया गया. परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई. मामले में नोएडा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुरोहित को सकुशल बरामद कर लिया है.
5 सितंबर को पूजा कराने जौनपुर गए थे अनिल तिवारी
पुलिस के मुताबिक, अनिल कुमार तिवारी नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव में रहते हैं. वह पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं. 5 सितंबर 2026 को वह पूजा कराने के सिलसिले में जौनपुर गए थे. इसके बाद परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पाया. इसी दौरान उनके बेटे से पैसों की मांग की गई. कथित तौर पर एक लाख रुपये मांगे गए. पिता के लापता होने और पैसों की मांग से परेशान बेटे ने पुलिस को इसकी जानकारी दी.
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच
परिजनों की सूचना के बाद सेक्टर-113 थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने पुरोहित की तलाश के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया. जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने जौनपुर में उनकी तलाश शुरू की.
मुखिया मार्केट के पास पुलिस ने दोनों को दबोचा
पुलिस के मुताबिक, 11 और 12 सितंबर की रात मुखिया मार्केट के पास एक कच्चे रास्ते से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों के कब्जे से अनिल कुमार तिवारी को सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी पैसों की मांग को लेकर वहां पहुंचे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.
तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार भी मिले हैं. आशीष यादव उर्फ बाबा के पास से .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए. वहीं, प्रवेश यादव उर्फ गोरे के पास से एक चाकू मिला है. पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है.
मनोकामना पूरी न होने के बाद बनाया बंधक?
पुलिस की शुरुआती जांच में इस मामले की वजह धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ी बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने पहले अनिल तिवारी से अनुष्ठान कराया था. आरोपियों की कथित मनोकामना पूरी नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने पूजा में खर्च हुए रुपये वापस लेने का फैसला किया. आरोप है कि इसी बहाने अनिल तिवारी को दोबारा जौनपुर बुलाया गया और उन्हें बंधक बना लिया गया. इसके बाद उनके परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई. हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं.
पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया पुरोहित
फिलहाल नोएडा पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बंधक बनाए गए पुरोहित अनिल कुमार तिवारी को भी सकुशल बरामद कर लिया है. मामले की आगे की जांच जारी है.
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