अंततः लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पर हुआ एक्शन, 26 दिन में 74 जगह सड़क में गड़बड़ी के बाद PNC इंफ्राटेक पर 3 साल का बैन

UP News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई की है. कंस्ट्रक्शन फर्म PNC इंफ्राटेक पर 3 साल के लिए नए प्रोजेक्ट्स की बोली से बैन लगा दिया गया है. सड़क बनने के कुछ ही दिनों में 74 जगहों पर खराब होने और मिट्टी धंसने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.

UP News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद अब बड़ी कार्रवाई की गई है. एक्सप्रेसवे शुरू होने के करीब 26 दिनों के भीतर कई स्थानों पर सड़क के क्षतिग्रस्त होने, गड्ढे बनने और किनारे की मिट्टी धंसने की शिकायतें सामने आई थीं. कुछ जगहों पर सड़क के किनारे मिट्टी बहने से सड़क का हिस्सा भी लटकता नजर आया. इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया.

74 जगहों पर सड़क खराब होने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर कम समय में करीब 74 स्थानों पर गड्ढे और सड़क को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई. सड़क के किनारे धंसाव के अलावा बीच सड़क पर भी गड्ढे मिलने की जानकारी सामने आई. इन घटनाओं ने एक्सप्रेसवे के निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए.

मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंचा

एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक भी पहुंचा. अदालत ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया. इसके बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण में सामने आई कथित खामियों को लेकर संबंधित एजेंसियों की भूमिका और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे.

NHAI ने PNC इंफ्राटेक पर लिया बड़ा फैसला

मामले में अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से कार्रवाई की गई है. प्राधिकरण ने PNC इंफ्राटेक और उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड को तीन साल के लिए नए प्रोजेक्ट्स की बोली प्रक्रिया से बाहर कर दिया है. यानी इस अवधि में दोनों कंपनियां NHAI से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली नहीं लगा सकेंगी.

निर्माण दोष और सड़क धंसने की घटनाएं बनीं वजह

बताया गया है कि यह कार्रवाई एक्सप्रेसवे पर सामने आए निर्माण दोष और सड़क धंसने की घटनाओं के मद्देनजर की गई है. कम समय में सड़क की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. हालांकि मामले से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं और सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी.

अब एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को दोनों शहरों के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है. ऐसे में इसके शुरू होने के तुरंत बाद सड़क में आई खराबियों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है. NHAI की कार्रवाई के बाद अब एक्सप्रेसवे पर मरम्मत, गुणवत्ता जांच और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के कदमों पर नजर रहेगी.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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