Jain Alpha Protest : देहात कोतवाली क्षेत्र के चेचराम स्थित कंपोजिट विद्यालय के गेट के सामने सड़क निर्माण की मांग को लेकर बच्चों (जैन अल्फा) के प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने सपा नेता रोहित शुक्ला समेत छह के खिलाफ प्राथमिक दर्ज की है. विद्यालय के सहायक अध्यापक संजय कुमार तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिक दर्ज की है. सपा नेता मझवां से दो बार विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं. उन्हें सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है. पुलिस ने इस मामले में रोहित शुक्ला के अलावा कौशिक कनौजिया, लाल बहादुर और आरती को गिरफ्तार किया है.
प्राथमिकी वापस नहीं ली तो होगा विरोध
सपा नेताओं पर प्राथमिक दर्ज होने पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि चेचराम प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के आने-जाने के लिए रास्ता नहीं होने से उन्हें परेशानी हो रही थी. इसी समस्या के समाधान की मांग के लिए लोकतांत्रिक तरीके से धरना दिया गया. प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से रास्ता बनाने का निर्णय लिया गया, लेकिन बाद में पार्टी नेताओं के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर दी गई. जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि प्राथमिक वापस नहीं ली गई तो समाजवादी पार्टी पुरजोर विरोध करेगी.
सुबह सात बजकर 40 मिनट पर पहुंचे थे विद्यालय
बताया गया कि सात सितंबर की सुबह सात बजकर 40 मिनट पर कौशिक कनौजिया विद्यालय पहुंचे. स्कूल गेट के सामने जाने वाले रास्ते के लिए कुछ ग्रामीण और अभिभावक बच्चों को आगे कर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. उनके पहुंचने तक विद्यालय का अन्य स्टाफ भी आ गया था.
इन लोगों पर लगाया गया आरोप
प्रदर्शन में कौशिक कनौजिया, रामनरेश यादव, शंकर, लाल बहादुर और आरती समेत अन्य ग्रामीण शामिल थे. आरोप है कि किसी ग्रामीण के फोन करने पर सपा नेता रोहित शुक्ला उर्फ लल्लू भी मौके पर पहुंचे. सभी लोगों को बुलाकर स्कूल गेट के सामने प्रदर्शन किया गया. सहायक अध्यापक संजय कुमार तिवारी की तहरीर पर सपा नेता रोहित शुक्ला, कौशिक कनौजिया, रामनरेश यादव, शंकर, लाल बहादुर और आरती समेत अन्य सपा समर्थकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.
धरना समाप्त कराने के बाद चार गिरफ्तार
पुलिस को धरना-प्रदर्शन की सूचना उच्चाधिकारियों को फोन पर दी गई. इसके बाद बीडीओ सिटी, नायब तहसीलदार सदर, खंड शिक्षा अधिकारी सिटी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, लेखपाल और प्रधान भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया. लिखित सहमति के आधार पर धरना समाप्त कराया गया. शिक्षक ने आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों का रास्ता अवरुद्ध हुआ और विद्यालय के शिक्षकों को स्कूल जाने से रोका गया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
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