Lucknow News: बच्चों को स्कूल बस से भेजने वाले पैरेंट्स को राहत, सरकार ने तय किया किराए का ‘फॉर्मूला’

इसके अलावा किराये की वार्षिक बढ़ोत्‍तरी के तहत फॉर्मूला तय करते समय वर्तमान अनुरक्षण व्‍यय, स्‍टाफ के वेतन आदि पर खर्च में बढ़त, वाहन पर खर्चे में हुई बढ़ोत्‍तरी को मानक बनाया गया है.

Lucknow News: अपने बच्‍चों को स्‍कूल बस से भेजने वालों के लिए यह एक अच्‍छी खबर है. अब स्‍कूल संचालक उनसे मनमाना किराया नहीं ले सकेंगे. सरकार ने दूरी के हिसाब से स्‍कूल का किराया तय करने का रूल बना दिया है.

सरकार ने स्‍कूल वालों की मनमानी से परेशान अभिभावकों को राहत देने का काम किया है. इसके तहत स्‍कूल बस किराया अब दूरी के अनुसार तय किया जाएगा. यही नहीं हर साल इसमें होने वाली बढ़ोत्‍तरी का फार्मूला भी निर्धारित कर दिया गया है. परिवहन विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश को कक्षा एक से 12 तक के स्‍कूलों के नाम पर दर्ज बसों पर लागू किया जाएगा.

नए नियम के मुताबिक, स्‍टूडेंट्स से पांच किमी तक निर्धारित शुल्‍क का 50 व पांच से 10 किलोमीटर तक शत-प्रतिशत किराया लिया जाएगा. एसी बस में 25 फीसदीज्‍यादा किराया लगेगा. बता दें कि प्रदेश के 13 संभागों में अधिकतर 42 सीट वाली स्‍कूल बस हैं. इसमें 47 सीट की क्षमता के हिसाब से यह अनुरक्षण व्‍यय तय किया गया है. इसके अलावा किराये की वार्षिक बढ़ोत्‍तरी के तहत फॉर्मूला तय करते समय वर्तमान अनुरक्षण व्‍यय, स्‍टाफ के वेतन आदि पर खर्च में बढ़त, वाहन पर खर्चे में हुई बढ़ोत्‍तरी को मानक बनाया गया है.

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