दिवाली पर मुस्लिम महिलाओं ने की राम की आरती, दारूल उलूम ने कहा, वो मुस्लिम नहीं रहीं
लखनऊ :दिवाली के मौके पर भगवान राम की आरती करनी वाली मुस्लिम महिलाओं को लेकर दारुल उलूम के उलेमा ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘अल्लाह के अलावा किसी की भी पूजा करने वाला मुस्लिम नहीं रहता.’ गौरतलब हो कि दिवाली के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में त्रेता […]
दिवाली पर मुस्लिम महिलाओं ने की राम की आरती, दारूल उलूम ने कहा, वो मुस्लिम नहीं रहीं
लखनऊ :दिवाली के मौके पर भगवान राम की आरती करनी वाली मुस्लिम महिलाओं को लेकर दारुल उलूम के उलेमा ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘अल्लाह के अलावा किसी की भी पूजा करने वाला मुस्लिम नहीं रहता.’
गौरतलब हो कि दिवाली के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में त्रेता युग को जीवंत कर दिया था और छोटी दिवाली के मौके पर सरयू के तट पर उन्होंने सरयू आरती की और तट पर 1 लाख 78 हजार दीप जलाये. उसी दिन हिंदू-मुस्लिम एकता को जीवंत करते हुए वाराणसी में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने राम की आरती उतारी थी.
मुस्लिम महिलाओं की यह आरती सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया. लोगों ने जहां इसे एक ओर गंगा-यमुना तेहजीब का जीवंत उदाहरण बताया, वहीं दारूल उलूम ने इसे इस्लाम के खिलाफ बता दिया. हालांकि आरती मुस्लिम महिलाओं की नेता नाजनीन अंसारी ने कहा कि ‘अयोध्या है हमारी जियारतगाह का नाम, रहते हैं वहां इमाम ए हिंदू श्रीराम.’
नाजनीन ने कहा कि ऐसे त्यौहार से सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ता है. श्रीराम हमारे पूर्वज हैं. हम अपना नाम और धर्म बदल सकते हैं, लेकिन हम अपने पूर्वजों को कैसे बदल सकते हैं. उन्होंने कहा, भगवान राम की गाथा गाना गाने से न केवल हिंदुओं और मुसलमानों के बीच प्रेम और सद्भाव बढ़ता है, बल्कि यह इस्लाम की उदारता भी दिखाता है.