मंत्री ने संसद में बताया था, तीन साल में ताजमहल पर खर्च 11 करोड़, कमाई 75.91 करोड़

‘ताजमहल’ भारत की एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसके कारण भारत की चर्चा विदेशों में सबसे ज्यादा होती है. यह विश्व के सात अजूबों में भी शुमार रहा है. ताजमहल भारत के उन स्मारकों में शुमार है, जिससे देश को सबसे अधिक राजस्व की भी प्राप्ति होती है. लेकिन इस वर्ष महीने की शुरुआत में […]

‘ताजमहल’ भारत की एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसके कारण भारत की चर्चा विदेशों में सबसे ज्यादा होती है. यह विश्व के सात अजूबों में भी शुमार रहा है. ताजमहल भारत के उन स्मारकों में शुमार है, जिससे देश को सबसे अधिक राजस्व की भी प्राप्ति होती है. लेकिन इस वर्ष महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन सूची से ताजमहल का नाम निकाल दिया. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नये बुकलेट में ताजमहल का नाम ना होना एक चौंकाने वाला निर्णय है. हालांकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अधिकारिक रूप से अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. लेकिन आज भाजपा विधायक संगीत सोम ने नया विवाद खड़ा करते हुए ताजमहल के इतिहास पर सवाल किया और ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश करते हुए कहा कि इसका निर्माण उस शहंशाह ने कराया था, जिसने अपने पिता को जेल में बंद किया था और हिंदुओं को निशाना बनाया था.

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इतिहास इसके उलट है. ताजमहल का निर्माण शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में कराया था और असल में वह शाहजहां ही थे जिसे उनके बेटे औरंगजेब ने उनकी जिंदगी के आखिरी दिनों में जेल में बंद कराया था. सरधना विधायक ने साथ ही मुगल शहंशाहों बाबर, अकबर और औरंगजेब को गद्दार बताते हुए कहा कि उनके नाम इतिहास के पन्नों से हटाए जाने चाहिए. तमाम विवादों के बावजूद सवाल यह है कि क्या सरकार ताजमहल से होने वाली आय को भी दरकिनार कर सकती है.
पिछले तीन साल में हुई 75 करोड़ की आय
ताजमहल भारत का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है और विदेशों से सबसे ज्यादा पर्यटक इसे देखने ही भारत आते हैं. पिछले तीन साल में जितने पर्यटक भारत आये उनसे 75 करोड़ की आय हुई. यह आय टिकट की बिक्री और उन सेवाओं के जरिये हुई, जिसके लिए पैसे लिये जाते हैं. इस बात की जानकारी खुद संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने लोकसभा में दी थी. उन्होंने बताया था कि ताजमहल के रखरखाव पर 11 करोड़ खर्च हुए लेकिन पिछले तीन सालों में कुछ 75.91 करोड़ की कमाई हुई.
मंत्री के बयान के अनुसार वर्ष 2013-14 में 22.45 करोड़, 2014-15 में 23.88 करोड़ और 2015-16 में 8.30 करोड़ (अप्रैल से जून 2016) की आय हुई. वर्ष 2013-14 में 3.14 करोड़, 2014-15 में 4.42 करोड़ और 2015-16 में 3.66 करोड़ रुपये का खर्च ताजमहल के रखरखाव पर आया है.

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