UP News: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार को विजिलेंस टीम ने LDA के जोन-5 में तैनात अवर अभियंता (JE), एक सुपरवाइजर और एक निजी व्यक्ति को 7.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई गोमतीनगर स्थित LDA कार्यालय के बाहर ट्रैप के दौरान की गई.
निर्माण रोकने का डर दिखाकर रिश्वत मांगने का आरोप
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके निर्माणाधीन भवन को लेकर IGRS पोर्टल पर शिकायत आने की बात कहकर कार्रवाई का डर दिखाया गया. इसके बाद उसे LDA कार्यालय बुलाया गया, जहां अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने कथित तौर पर मामले को खत्म कराने के बदले 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी. बाद में यह रकम घटाकर 7.5 लाख रुपये तय की गई.
गोपनीय जांच के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच की. जांच के दौरान मोबाइल कॉल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि होने का दावा किया गया. इसके बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और शनिवार को शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ भेजा.
रिश्वत लेते ही तीनों को दबोचा
विजिलेंस के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता ने 7.5 लाख रुपये की रकम सौंपी, टीम ने LDA के JE दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और निजी व्यक्ति श्रवण कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया. मौके से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई. फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.
