महाकुंभ 2025 में कितना बदल गया प्रयागराज, सीएम योगी ने चुन-चुनकर गिनाई बात

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में पिछले 45 दिनों से जारी महाकुंभ का गुरुवार को विधिवत समापन्न हो गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पहुंचे और खुद से घाटों की सफाई की. उन्होंने इस दौरान यह भी बता दिया कि महाकुंभ 2025 में प्रयागराज को कितना बदला दिया.

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ के समापन्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, “पिछले 45 दिनों में 66 करोड़ 30 लाख पर्यटक और श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच. उन्होंने बताया- प्रयागराज महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के पांच गलियारे उपलब्ध कराए. इनमें प्रयागराज से मिर्जापुर और काशी, प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर, प्रयागराज से लालापुर, राजापुर और चित्रकूट, प्रयागराज से लखनऊ और नैमिषारण्य और प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते मथुरा-वृंदावन होते हुए शुक्रताल गलियारे शामिल हैं.” योगी ने कहा, “इन पांचों गलियारों में पिछले डेढ़ महीने में देश-दुनिया से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आए.”

महाकुंभ 2025 में कितना बदल गया प्रयागराज, योगी ने बताया

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया महाकुंभ 2025 मेला के आयोजन ने प्रयागराज को बदल दिया. उन्होंने बताया- “महाकुंभ के पूरे आयोजन में केंद्र और राज्य ने निर्माण कार्यों पर 7500 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें 200 से अधिक सड़कों, 14 फ्लाईओवर, नौ अंडरपास और 12 कॉरिडोर का निर्माण शामिल है. वहीं 15,000 से अधिक स्वच्छताकर्मी महाकुंभ में साफ-सफाई सुनिश्चित करने में जुटे रहे.”

100 देशों से लोग पहुंचे महाकुंभ

योगी आदित्यनाथ ने बताया- “महाकुंभ मेले के दौरान 45 दिनों में 100 देशों के लोग प्रयागराज पहुंचे, जिनमें 74 देशों के उच्चायुक्त और राजदूत शामिल हैं। इसके अलावा, 12 देशों के मंत्रियों और राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति भी दर्ज की गई.”

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महाकुंभ के दौरान 7,500 से अधिक बसें चलाई गईं : योगी

मुख्यमंत्री ने कहा, “परिवहन निगम की 7,500 से अधिक बसें लगाई गईं और 750 से ज्यादा शटल बसें चलाई गईं. सभी विभागों ने पूरी तत्परता के साथ मिलकर इस आयोजन को नयी ऊंचाई पर पहुंचाया.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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