UP News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां शादी के महज सात महीने बाद एक युवक ने अपनी पत्नी पर खाने में जहर मिलाकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी के अपने दो सगे साढ़ुओं (जीजा) से कथित अवैध संबंध थे और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. युवक का कहना है कि पहले उसे जहरीला खाना खिलाया गया और फिर उसके साथ मारपीट भी की गई. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर घटना के 21 दिन बाद पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
शादी के सात महीने बाद रिश्तों में आया बड़ा मोड़
यह मामला हरदोई जिले के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, धांधामऊ गांव निवासी 28 वर्षीय संगम कुमार की शादी 24 नवंबर 2025 को कानपुर निवासी युवती से हुई थी. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद पति को पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा. पीड़ित का आरोप है कि शादी से पहले से ही उसकी पत्नी के अपने दो सगे साढ़ुओं मनोज कुमार और उमाशंकर से कथित अवैध संबंध थे. संगम का कहना है कि उसने कई बार पत्नी को समझाने की कोशिश की और इन रिश्तों को खत्म करने के लिए कहा, लेकिन पत्नी ने उसकी बात मानने के बजाय लगातार विरोध किया. युवक का आरोप है कि जब उसने इस रिश्ते पर आपत्ति जताई तो उसके खिलाफ साजिश रची जाने लगी.
खाने में मिलाया जहरीला पदार्थ, बिगड़ गई तबीयत
पीड़ित के मुताबिक, 7 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11 बजे उसकी पत्नी ने घर में खाना बनाया. आरोप है कि उसी खाने में किसी जहरीले पदार्थ को मिलाकर उसे परोसा गया. खाना खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे तेज बेचैनी होने लगी. युवक का आरोप है कि इसी दौरान उसके दोनों साढ़ू, मनोज कुमार और उमाशंकर भी वहां पहुंच गए. उसने दावा किया कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उसकी पत्नी को अपने साथ लेकर चले गए. पीड़ित का कहना है कि तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी.
मेडिकल कॉलेज में चला इलाज, बच गई जान
गंभीर हालत में परिजनों ने संगम कुमार को तत्काल मेडिकल कॉलेज हरदोई में भर्ती कराया. जानकारी के अनुसार, वह 7 जुलाई को दोपहर 12:50 बजे अस्पताल में भर्ती हुआ और 8 जुलाई की सुबह 11:45 बजे तक आकस्मिक चिकित्सा विभाग में उसका इलाज चला. डॉक्टरों के उपचार के बाद उसकी जान बच गई, लेकिन वह अभी भी दवाइयों पर है. परिजनों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने की वजह से उसकी जान बच सकी. अगर इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
पहले नहीं हुई कार्रवाई, फिर एसपी के आदेश पर दर्ज हुआ केस
पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसने बिलग्राम कोतवाली में पत्नी और दोनों साढ़ुओं के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा से पूरे मामले की शिकायत की. एसपी के निर्देश के बाद घटना के करीब 21 दिन बाद बिलग्राम कोतवाली पुलिस ने आरोपी पत्नी, मनोज कुमार और उमाशंकर के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया.
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है. सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति द्वारा लगाए गए इतने गंभीर आरोप चर्चा का विषय बने हुए हैं. अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस मामले की सच्चाई क्या है और जांच में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं.
