UP Agriculture News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सरकारी केंद्रों पर धान खरीदने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस साल फसल खरीदने के लिए जिले में कुल 175 सरकारी केंद्र (क्रय केंद्र) बनाए गए हैं. गाजीपुर में धान की यह खरीद 1 नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी. अगर आप अपनी फसल सरकारी भाव पर बेचना चाहते हैं, तो आपको पहले इंटरनेट पर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करवाना होगा.
धान का नया सरकारी रेट (MSP)
सरकार ने इस बार धान के सरकारी दाम (MSP) में ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. अब साधारण (सामान्य) धान का नया रेट ₹2,441 प्रति क्विंटल हो गया है. वहीं अच्छे वाले (ग्रेड-ए) धान का नया रेट ₹2,461 प्रति क्विंटल तय किया गया है. पिछले साल साधारण धान ₹2,369 और ग्रेड-ए धान ₹2,389 प्रति क्विंटल के भाव से बिका था. रेट बढ़ने से किसानों को अपनी फसल का ज्यादा फायदा मिलेगा.
केंद्र की सुविधाएं और बैंक में भुगतान
सरकार का मकसद है कि किसानों को दलालों या बिचौलियों के चक्कर में न पड़ना पड़े। सभी सेंटरों पर धान तौलने की मशीनें और बोरियों का पूरा इंतजाम किया जा रहा है. धान बिकने के बाद उसका पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा. अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिन किसानों का पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा, केवल वही केंद्र पर जाकर अपना धान बेच पाएंगे.
किसानों के लिए जरूरी कागजात और नियम
धान बेचने के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराते समय अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के कागज (खसरा-खतौनी) तैयार रखने होंगे. रजिस्ट्रेशन में दर्ज जमीन के ब्योरे का मिलान करने के बाद ही धान की तौल की जाएगी. विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपना धान सुखाकर और साफ करके ही केंद्र पर लाएं ताकि तौल के समय नमी या गंदगी की वजह से कोई परेशानी न हो और उन्हें तुरंत टोकन मिल सके.
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