UP News: हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद पहुंचीं तीन महिलाओं ने शिवरात्रि के दिन बड़ा फैसला लिया. डासना स्थित शिवशक्ति धाम में हवन-यज्ञ और रुद्राभिषेक के बाद तमन्ना मलिक, अनिशा बानो और रिजवाना ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की. इस दौरान तमन्ना मलिक ने अपना नाम बदलकर गायत्री त्यागी रखने का ऐलान किया, जबकि अनिशा और रिजवाना ने अपने नाम से ‘बानो’ शब्द हटा दिया.
हवन-यज्ञ और रुद्राभिषेक के बाद अपनाया सनातन
मंगलवार को तीनों महिलाएं डासना के शिवशक्ति धाम पहुंचीं. मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, हवन-यज्ञ और रुद्राभिषेक कराया गया. इसके बाद श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज, मंदिर से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में तीनों ने सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की. तीनों महिलाएं सोमवार को बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद पहुंची थीं. मंगलवार को शिवरात्रि के दिन उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान के बाद सनातन धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.
तमन्ना ने बदला नाम, दो महिलाओं ने हटाया ‘बानो’
सनातन धर्म अपनाने के बाद तमन्ना मलिक ने अपना नया नाम गायत्री त्यागी रखने की घोषणा की. वहीं अनिशा और रिजवाना ने अपने नाम पूरी तरह नहीं बदले, लेकिन दोनों ने अपने नाम से ‘बानो’ शब्द हटा दिया. कार्यक्रम में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज ने कहा कि धर्म परिवर्तन का फैसला लेने वाले लोगों को अपनी बात सार्वजनिक तौर पर रखने का साहस दिखाना चाहिए. इस मौके पर महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरि, यति अभयानंद गिरि, यति महादेवानंद गिरि, अनिल यादव, शशि चौहान, मोहित बजरंगी, हरिओम सिंह, रामभारत यादव और अमन त्यागी समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे.
पहले भी कांवड़ लेकर जा चुकी हैं तमन्ना
तमन्ना मलिक इससे पहले भी बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ ला चुकी हैं. फाल्गुन मास की कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने करीब पांच दिन पैदल चलकर हरिद्वार से गंगाजल लिया था. इसके बाद महाशिवरात्रि पर संभल स्थित नैमिषारण्य प्राचीन तीर्थ मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया था. उस समय भी तमन्ना काफी चर्चा में रही थीं.
महिलाओं ने बताया, सनातन में मिलता है सम्मान
सनातन धर्म अपनाने वाली महिलाओं का कहना है कि यहां महिलाओं को आजादी और सम्मान मिलता है. अनीसा ने दावा किया कि करोड़ों मुस्लिम महिलाओं की तरह वह भी तीन तलाक से पीड़ित हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चों की कस्टडी को लेकर उनका अपने पति के साथ विवाद चल रहा है. बच्चों को वापस पाने के लिए उन्होंने भगवान महादेव से मन्नत मांगी है. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और महिलाओं के सनातन धर्म अपनाने को लेकर शिवशक्ति धाम परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही.
