चीखती रही बेटी...सोता रहा सिस्टम: चलती कार में 7 घंटे तक दरिंदगी, 10वीं की छात्रा को अगवा कर गाजियाबाद NH-9 पर फेंका

UP Crime News: गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती कार में 7 घंटे तक सामूहिक दूषकर्म की भयावह घटना सामने आई है. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. मसूरी थाना क्षेत्र में 10वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा को दो आरोपियों ने अगवा कर चलती कार में कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसे करीब सात घंटे तक शहर की सड़कों पर घुमाते रहे. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. देर रात उसे एनएच-9 के किनारे फेंककर आरोपी फरार हो गए. अगले दिन राहगीरों की मदद से वह किसी तरह अपने घर पहुंची.

मां की शिकायत पर दर्ज हुआ केस, दो आरोपी गिरफ्तार

पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. पुलिस ने पिलखुवा के आजमपुर दहपा गांव निवासी मुजाहिद (45) और सलीम अख्तर (48) को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी दोस्त हैं और ईंट-भट्ठे का कारोबार करते हैं. पुलिस के अनुसार मुजाहिद पहले से हिस्ट्रीशीटर भी है.

बस का इंतजार कर रही थी छात्रा, तभी हुआ अपहरण

परिजनों के मुताबिक 27 जुलाई की शाम छात्रा किसी काम से घर से निकली थी. शाम करीब साढ़े सात बजे वह मसूरी थाने के पास एनएच-9 की सर्विस रोड पर वाहन का इंतजार कर रही थी. इसी दौरान कार सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और अगवा कर लिया.

'मैं चीखती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी आवाज'

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने लगातार विरोध किया और मदद के लिए चीखती रही, लेकिन आरोपियों ने उसे धमकाते हुए चुप करा दिया. कार के शीशों पर सन शेड लगे होने के कारण बाहर से अंदर कुछ दिखाई नहीं देता था. छात्रा का कहना है कि उसने कई बार छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी लगातार उसके साथ दरिंदगी करते रहे.

मेडिकल स्टोर और फार्म हाउस भी पहुंचे आरोपी

पीड़िता के अनुसार आरोपी रास्ते में एक मेडिकल स्टोर पर भी रुके और कुछ दवाएं खरीदीं. इसी दौरान उसने कार से निकलने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उसे दोबारा काबू में कर ले गए. बाद में वे उसे एक सुनसान फार्म हाउस में भी ले गए, जहां गार्ड ने गेट खोला. कुछ देर रुकने के बाद आरोपी फिर उसे कार में बैठाकर निकल गए.

वारदात के बाद घर जाकर आराम से सो गए आरोपी

पुलिस के अनुसार कार नंबर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया. दोनों शादीशुदा हैं. पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी अपने-अपने घर चले गए और आराम से सो गए. घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है.

पीड़िता की मां बोलीं- आरोपियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा

पीड़िता की मां ने बताया कि उन्होंने छात्रा को गोद लिया था. उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी जैसी कठोर सजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई ही भविष्य में अपराध रोक सकती है.

'चीखती रही बेटी...सोता रहा सिस्टम'

इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपी दो बार मसूरी थाने के सामने से कार लेकर गुजरे. रास्ते में पुलिस वाहन, चौकियां और पुलिसकर्मी भी दिखाई दिए, लेकिन किसी ने कार को नहीं रोका. यदि समय रहते पुलिस सतर्क होती तो शायद छात्रा को इतनी लंबी यातना नहीं झेलनी पड़ती.

एफआईआर और मेडिकल में देरी पर भी उठे सवाल

पीड़िता की मां का आरोप है कि उन्होंने 28 जुलाई को थाने में शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज करने में चार दिन लगा दिए गए. उनका यह भी आरोप है कि मेडिकल जांच भी समय पर नहीं कराई गई. हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ तथ्य स्पष्ट नहीं थे, इसलिए सत्यापन के बाद मुकदमा दर्ज किया गया.

फार्म हाउस और गार्ड की भूमिका भी जांच के दायरे में

पीड़िता की मां ने मांग की है कि जिस फार्म हाउस में आरोपी छात्रा को लेकर गए थे, वहां के गार्ड और मालिक से भी गहन पूछताछ की जाए. उनका कहना है कि गार्ड ने गेट खोला था, इसलिए उसकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.

घटना के बाद उठ रहे बड़े सवाल

  • कार के शीशों पर सन शेड होने के बावजूद पुलिस को संदेह क्यों नहीं हुआ?
  • जब कार दो बार थाने के सामने से गुजरी तो पुलिस की नजर से कैसे बच गई?
  • हाईवे और सर्विस रोड पर गश्त के बावजूद कार की जांच क्यों नहीं हुई?
  • मेडिकल स्टोर और फार्म हाउस तक पहुंचने के दौरान किसी ने सतर्कता क्यों नहीं दिखाई?
  • शिकायत मिलने के बावजूद एफआईआर और मेडिकल जांच में देरी क्यों हुई?
  • फार्म हाउस और वहां मौजूद गार्ड की भूमिका की गहराई से जांच कब होगी?

यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा बल्कि पुलिस की सक्रियता और कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है. मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.

Also Read: 'पप्पू यादव का बचाव क्यों?' OP राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा- सपा का आधिकारिक स्टैंड क्या है?


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रवि रंजन कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >